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उत्तराखंड मंत्रिमंडल में दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में पांच प्रतिशत की छूट समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय

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उत्तराखंड मंत्रिमंडल में दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में पांच प्रतिशत की छूट समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय


एससी-एसटी विद्यार्थियों की मुफ्त कोचिंग के लिए आय सीमा आठ लाख रुपये करने का प्रस्ताव, उरेडा अभियंताओं का वेतनमान बढ़ा

देहरादून, 22 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत की छूट देने,सड़क एवं पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया सरल करने और उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के कनिष्ठ अभियंताओं का वेतनमान बढ़ाने,अनुपूरक बजट के प्रस्ताव सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय को मंजूरी दी गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम सचिवालय में हुई बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की निःशुल्क कोचिंग योजना की आय सीमा बढ़ाने, पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने और लंबित स्टाम्प वादों के निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना सहित विभिन्न प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। विधानसभा सत्र की तिथि आहूत होने के चलते बैठक के बाद मंत्रिमंडल के निर्णयों की ब्रीफिंग नहीं की गई। उत्तराखंड विधानसभा का सत्र 27 अक्टूबर से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आयोजित होगा। मौजूदा सरकार के कार्यकाल का यह अंतिम विधानसभा सत्र होगा। सत्र के दौरान सरकार अनुपूरक बजट पेश करेगी। मंत्रिमंडल ने अनुपूरक बजट के आकार को मंजूरी दे दी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार,उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में बौद्धिक दिव्यांगता, मानसिक अस्वस्थता, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, सेरेब्रल पाल्सी और विशेष अधिगम अक्षमता से संबंधित दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्णांक में पांच प्रतिशत की छूट देने के लिए संबंधित विनियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत इन श्रेणियों के विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण माना जाएगा।

समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए संचालित निःशुल्क कोचिंग योजना की पारिवारिक वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने का प्रस्ताव है। इससे अधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग का लाभ मिल सकेगा।

लोक निर्माण विभाग में सड़क एवं सेतु निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया सरल करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान व्यवस्था में दूसरे चरण के तहत पहाड़ कटान, सुरक्षा दीवारों, पुलिया और नालियों सहित अन्य कार्यों की अलग-अलग चरणों में स्वीकृति दी जाती है। नई व्यवस्था में इन सभी कार्यों को एक ही चरण में स्वीकृति दी जाएगी। इससे पहाड़ कटान के बाद जरूरी सुरक्षात्मक कार्य समय पर कराए जा सकेंगे और मार्गों को होने वाली क्षति कम करने में मदद मिलेगी।

मंत्रिमंडल में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा 'एक जिला एक खेल' योजना के संचालन के लिए प्रत्येक जिले में एक-एक और खेल निदेशालय में एक मुख्य प्रशिक्षक सहित कुल 14 प्रशिक्षकों की तैनाती का प्रस्ताव है। इन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण की निर्धारित योग्यता और अनुभव के आधार पर तीन वर्ष के लिए संविदा पर रखा जाएगा। इनके लिए 1.45 लाख रुपये मासिक नियत मानदेय प्रस्तावित है।

प्रदेश के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक संस्थान में पदों की संख्या 48 से घटाकर 44 की जाएगी। वरिष्ठ प्रवक्ता के एक पद को उप प्राचार्य के पद पर उच्चीकृत करने के साथ मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी के एक-एक नए पद का सृजन किया जाएगा।

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत केंद्रीकृत रसोई स्थापित करने के लिए अन्नामृता फाउंडेशन को भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव है। इसके माध्यम से चयनित विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को पका-पकाया मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्रिमंडल ने समान नागरिक संहिता (संशोधन) नियमावली, उत्तराखंड, 2026 को अधिसूचित करने के प्रस्ताव पर सहमति दी। इसका उद्देश्य संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने में सामने आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों और लिपिकीय त्रुटियों का समाधान करना है। राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली में भर्ती के स्रोत और आयु सीमा से संबंधित प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल है।

प्रदेश में लंबित स्टाम्प वादों के त्वरित निस्तारण के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्टाम्प कलेक्टर और राजस्व परिषद के न्यायालयों में लगभग 3,600 स्टाम्प वाद लंबित हैं। योजना का उद्देश्य इनका शीघ्र और पारदर्शी निस्तारण करने के साथ राजस्व वसूली बढ़ाना और संबंधित पक्षों को ब्याज और अर्थदंड में राहत देना है।

उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के कनिष्ठ अभियंताओं का वेतनमान उच्चीकृत करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत उनका वेतन स्तर छह से बढ़ाकर स्तर सात किया जाएगा। वर्तमान वेतनमान 35,400 से 1,12,400 रुपये के स्थान पर 44,900 से 1,42,400 रुपये होगा।

साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन के नियोजित, सुरक्षित एवं सतत विकास के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉर्पोरेशन लिमिटेड गठित करने का प्रस्ताव है। इसे उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड और उत्तराखंड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड के संयुक्त उपक्रम के रूप में स्थापित करने की योजना है।

निराश्रित विधवा, परित्यक्ता विवाहित और निराश्रित अविवाहित महिलाओं के लिए संचालित भरण-पोषण अनुदान योजना का नाम बदलकर 'मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना' करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अतिरिक्त खटीमा स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को कक्षा आठ से उच्चीकृत कर हाईस्कूल स्तर तक संचालित करने का प्रस्ताव है।

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट और उसकी संस्तुतियों पर विभिन्न विभागों की कार्रवाई का विवरण विधानसभा के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में आयोग में 16,388 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 15,075 का निस्तारण किया जा चुका है।

अन्य प्रस्तावों में उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन कर रुड़की स्थित आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएसएम विश्वविद्यालय को अधिनियम की अनुसूची में शामिल करना, वित्तीय डाटा सेंटर के तकनीकी संवर्ग का पुनर्गठन, विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के पांच नए पद सृजित करना तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह 'ग' और 'घ' कर्मचारियों की सेवा विनियमावली शामिल हैं।

राज्य बांध सुरक्षा संगठन की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत करने और उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल रहा। मंत्रिमंडल ने उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 की छठी अनुसूची में दर्ज अनुसूचित जनजाति के नाम 'जन्नासरी' को 'जौनसारी' करने के लिए केंद्र सरकार को संस्तुति भेजने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन दिया। वर्ष 1967 के भारत सरकार के राजपत्र में इस जनजाति का नाम 'जौनसारी' दर्ज है।

उत्तराखंड मंत्रिमंडल के प्रमुख फैसले-

-दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में पांच प्रतिशत की छूट

-एससी-एसटी विद्यार्थियों की मुफ्त कोचिंग की आय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव

-सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया सरल

-खिलाड़ियों को बसों में मुफ्त यात्रा का प्रस्ताव

-‘एक जिला एक खेल’ योजना के लिए 14 मुख्य प्रशिक्षक

-प्रदेश के 13 डायट संस्थानों का पुनर्गठन

-दो जिलों में केंद्रीकृत रसोई का प्रस्ताव

-समान नागरिक संहिता संशोधन नियमावली, 2026

—3,600 लंबित स्टाम्प वादों के लिए एकमुश्त समाधान योजना

-उरेडा के कनिष्ठ अभियंताओं का वेतनमान बढ़ा

-एडवेंचर टूरिज्म कॉर्पोरेशन के गठन का प्रस्ताव

-‘मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना’ नाम रखने का प्रस्ताव

-खटीमा के बालिका आवासीय विद्यालय का उच्चीकरण

-दो निजी विश्वविद्यालयों को अधिनियम में शामिल करने का प्रस्ताव

-मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखी जाएगी

- वित्तीय डाटा सेंटर के तकनीकी संवर्ग का पुनर्गठन।

-विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के पांच नए पदों का प्रस्ताव।

-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘ग’ और ‘घ’ कर्मचारियों के लिए सेवा विनियमावली।

-राज्य बांध सुरक्षा संगठन की वर्ष 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में प्रस्तुत होगी

-उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम में संशोधन-संशोधन अध्यादेश को विधेयक के रूप में लाने का प्रस्ताव।

-राज्य कर अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन-भर्ती के स्रोत और आयु सीमा से जुड़े प्रावधानों में बदलाव।

-निजी विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन-स्थायी विन्यास निधि संबंधी व्यवस्था समाप्त करने का प्रस्ताव।

-श्रीमती मंजीरा देवी और आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के परिनियम।

-अनुसूचित जनजाति के नाम की वर्तनी सुधारने की संस्तुति

-वित्तीय डाटा सेंटर एवं विभागीय लेखा व्यवस्था में प्रशासनिक बदलाव

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय