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छह साल में 30,286 किसानों तक पहुंचीं उद्यान विभाग की योजनाएं

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छह साल में 30,286 किसानों तक पहुंचीं उद्यान विभाग की योजनाएं


पौड़ी गढ़वाल, 13 सितंबर (हि.स.)। पहाड़ में खेती की घटती जमीन के बीच बागवानी किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन रही है। उद्यान विभाग की योजनाओं के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2025-26 तक जिले में 30,286 किसान लाभान्वित हुए हैं। किसानों को फल पौध से लेकर पॉलीहाउस, सिंचाई, जल संरक्षण, घेरबाड़ और आधुनिक तकनीक की सुविधाएं दी गई हैं।

जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी ने बताया कि पिछले छह वर्षों में 20,132 किसानों को निःशुल्क फल पौध वितरित की गई। सेब और कीवी जैसी फसलों को बढ़ावा देने के साथ किसानों को आधुनिक उत्पादन तकनीक से जोड़ा जा रहा है। इससे नए फलोद्यान विकसित करने और पुराने बगीचों का विस्तार करने में मदद मिली है।

संरक्षित खेती के लिए 100 वर्ग मीटर पॉलीहाउस योजना में 921 लाभार्थियों को सुविधा दी गई। वहीं कीवी उत्पादन के लिए ट्रैलिस सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और घेरबाड़ जैसी गतिविधियों से किसानों को उत्पादन बढ़ाने और फसलों को सुरक्षित रखने में मदद दी गई। सिंचाई सुविधा मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 3,093 किसानों को लाभ मिला। वहीं आधुनिक बागवानी तकनीक का प्रशिक्षण 2,295 किसानों को दिया गया। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक फसल प्रबंधन, उत्पादन बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की जानकारी दी गई।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार 2020-21 में 3,467, 2021-22 में 5,586, 2022-23 में सर्वाधिक 7,428, 2023-24 में 4,115, 2024-25 में 4,486 और 2025-26 में 5,204 किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला।

जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित कृषि भूमि का बेहतर उपयोग करने के लिए किसानों को फल उत्पादन और संरक्षित खेती से जोड़ना जरूरी है। विभाग का लक्ष्य अधिक से अधिक किसानों को आधुनिक तकनीक, सिंचाई और बेहतर उत्पादन व्यवस्था से जोड़कर बागवानी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका का मजबूत आधार बनाना है।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह