home page

श्रावण मास भगवान शिव की भक्ति और लोककल्याण का पावन पर्व : स्वामी रामभजन वन

 | 
श्रावण मास भगवान शिव की भक्ति और लोककल्याण का पावन पर्व : स्वामी रामभजन वन


हरिद्वार, 30 जुलाई (हि.स.)। शिव शक्ति मेडिटेशन सेंटर, दक्षिण अफ्रीका के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी रामभजन वन महाराज ने श्रावण मास के शुभारंभ पर देश-विदेश के श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए अपने बयान में कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की उपासना, आत्मशुद्धि, तप, संयम और लोककल्याण का पावन पर्व है।

उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा के अनुसार ऐसी धार्मिक मान्यता है कि श्रावण मास में भगवान शिव कैलाश से राजा दक्ष की पावन नगरी कनखल (हरिद्वार) में विराजमान होते हैं। इसी आस्था के कारण देशभर से लाखों शिवभक्त हरिद्वार पहुंचकर मां गंगा का पवित्र जल कांवड़ में भरते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। स्वामी जी ने कहा कि देवशयनी एकादशी से प्रारंभ होने वाले चातुर्मास का सनातन परंपरा में विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष आराधना करते हैं। उन्होंने कहा कि श्रावण मास केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सत्य, सेवा, सदाचार, करुणा, पर्यावरण संरक्षण और आत्मिक उन्नति का भी संदेश देता है।

उन्होंने कांवड़ यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं से अनुशासन, संयम और सेवा-भाव के साथ यात्रा करने का आग्रह करते हुए कहा कि यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें, गंगा की निर्मलता और पर्यावरण की रक्षा करें, यातायात नियमों का पालन करें तथा प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला