गढ़वाल विश्वविद्यालय को मिली ‘युवा संगम’ की मेजबानी, बंगाल जाएंगे उत्तराखंड के युवा
पौड़ी गढ़वाल, 30 अगस्त (हि.स.)।उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के युवाओं के बीच संस्कृति, शिक्षा, तकनीक और विकास का सेतु बनने जा रहा है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत ‘युवा संगम’ चरण-7 की मेजबानी का जिम्मा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय को मिला है। उत्तराखंड को इस चरण में पश्चिम बंगाल के साथ जोड़ा गया है। गढ़वाल विश्वविद्यालय और आईआईटी खड़गपुर मेजबान संस्थान के रूप में इस राष्ट्रीय कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे।
कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के चयनित युवा पश्चिम बंगाल की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक उपलब्धियों को करीब से जानेंगे। वहीं, पश्चिम बंगाल के युवा उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू होंगे। दोनों राज्यों के युवाओं के इस आदान-प्रदान का पूरा खर्च भारत सरकार की ओर से वहन किया जाएगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रकाश सिंह के दिशा-निर्देशन और अनुमोदन के अनुरूप कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। युवा संगम चरण-7 के नोडल अधिकारी एवं पृथ्वी विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को देश की विविधता को करीब से समझने के साथ ही विभिन्न राज्यों की उपलब्धियों और संभावनाओं से परिचित कराना है।
युवा संगम का आयोजन पर्यटन, परंपरा, प्रगति, परस्पर संपर्क और प्रौद्योगिकी जैसे पांच प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित रहेगा। युवाओं को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। क्षेत्रीय कला, भाषा, साहित्य और परंपराओं के आदान-प्रदान के साथ तकनीकी, औद्योगिक एवं आधारभूत विकास की जानकारी दी जाएगी। दोनों राज्यों के युवाओं के बीच सीधे संवाद और आपसी संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही अत्याधुनिक तकनीक, नवाचार और शैक्षणिक उत्कृष्टता को समझने का अवसर मिलेगा।
प्रोफेसर महावीर सिंह नेगी ने बताया कि उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के युवाओं में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह है। विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के अलावा एनएसएस, एनसीसी, एनवाईकेएस के स्वयंसेवक और अन्य युवा भी इसमें भाग ले सकते हैं। ऑनलाइन पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। 18 से 30 वर्ष की आयु के इच्छुक युवा आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों में विविधता और व्यापक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए समिति चयनित प्रतिभागियों का चयन करेगी। बताया कि स्नातक, स्नातकोत्तर एवं शोध छात्र, तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थी, एनसीसी/एनएसएस स्वयंसेवक व गैर-छात्र युवा भी आवेदन कर सकेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

