home page

गुरुकुल में जीवन में योग की महत्ता पर कार्यशाला

 | 
गुरुकुल में जीवन में योग की महत्ता पर कार्यशाला


हरिद्वार, 22 अगस्त (हि.स.)। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग की ओर से ‘जीवन में योग की महत्ता’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में योग विज्ञान विभाग एवं मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला का शुभारंभ मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग शरीर के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद उपयोगी है।

योग अध्ययन विभाग की प्रो. रीता भल्ला और डॉ. सत्यप्रकाश पाठक ने कार्यशाला में योग के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। प्रो. भल्ला ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। डॉ. पाठक ने योग और मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में विभिन्न शोधों का उल्लेख करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव, चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करने में सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से नींद में भी सुधार और तनाव से जुड़े हार्मोन में कमी देखी गई है।

उन्होंने बताया कि भारत में बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से योग का अभ्यास कर रहे हैं और विश्व स्वास्थ्य संगठन भी मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन के लिए योग की उपयोगिता को स्वीकार करता है। कार्यक्रम के अंत में प्रो. राकेश जैन ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यशाला ने छात्रों और शिक्षकों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया है। इस अवसर पर डॉ. ऊधम सिंह, डॉ. दीपक, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. नवीन पंत सहित विभाग के अन्य शिक्षक एवं छात्र मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला