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यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन के लिए तैयार होगी एसओपी

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उत्तरकाशी, 24 फ़रवरी (हि.स.)। यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों के संचालन के लिए इस वर्ष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी। जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था और पशु क्रूरता को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। शाम छह बजे के बाद धाम के पैदल मार्ग पर घोड़े-खच्चरों का संचालन नहीं किया जाएगा।डीएम प्रशांत आर्य ने जिला पंचायत और पशुपालन विभाग को संयुक्त रूप से एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत यात्रा रूट पर घोड़ा-खच्चरों की सुरक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था और यात्री सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। जानवरों पर अतिरिक्त बोझ डालने वालों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी एचएस बिष्ट ने बताया कि मानकों के अनुसार एक बार में 600 घोड़े-खच्चरों को ट्रैक पर जाने की अनुमति होगी। इनमें से 100 घोड़े-खच्चरों को जानकीचट्टी लौटने के बाद ही अन्य को धाम तक जाने की अनुमति दी जाएगी। इस व्यवस्था से घोड़ा-खच्चरों की सुरक्षा और यात्रा की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल