आपदा के प्रति जागरूकता और तैयारी जरूरी: प्रो. प्रतिभा
हरिद्वार, 28 अक्टूबर (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के जन्तु एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग में आपदा प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा कि एनसीसी छात्र जीवन में अनुशासन का आधार है। अनुशासित छात्र ही भविष्य में देश और समाज का नेतृत्व करने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला आपदा के समय आमजन की मदद करने और लोगों को जागरूक करने की दिशा में कैडेट्स के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
विभागाध्यक्ष प्रो. नमिता जोशी ने कहा कि वर्तमान समय में आपदा प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण विषय है। आपदा से निपटने के लिए समाज में जागरूकता जरूरी है। विश्वविद्यालय में आपदा प्रबंधन का डिप्लोमा पाठ्यक्रम भी संचालित किया जा रहा है। कार्यशाला के माध्यम से कैडेट्स को क्षेत्रीय स्तर पर व्यावहारिक जानकारी मिलेगी।
आरएस टोलिया अकादमी के कार्यक्रम प्रभारी डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि उत्तराखंड आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील राज्य है। हरिद्वार में बाढ़ का खतरा भी बड़ी चुनौती है, जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य भूकंप की दृष्टि से भी संवेदनशील है। ऐसे में समय रहते तैयारी करने और आमजन को जागरूक करने की आवश्यकता है। आपदा के दौरान एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम का संचालन मेजर डॉ. राकेश भूटियानी ने किया। इस दौरान कुलसचिव प्रो. सत्यदेव विद्यालंकार प्रो. डीएस मलिक, प्रो. नितिन कांबोज, डॉ. गगन माटा, डॉ. नितिन भारद्वाज, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. विवेक शर्मा, अजय कुमार, हवलदार वीरेंद्र सिंह सहित एनसीसी कैडेट्स और छात्र उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

