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जिला पंचायत में फूटा गुस्सा: डीएम एक भी बैठक में नहीं आए

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जिला पंचायत में फूटा गुस्सा: डीएम एक भी बैठक में नहीं आए


पौड़ी गढ़वाल, 02 सितंबर (हि.स.)। जिला पंचायत की बैठक में बुधवार को जिलाधिकारी के लगातार बैठकों से दूर रहने और जिला योजना में सदस्यों की अनदेखी को लेकर जमकर आक्रोश फूटा। सदस्यों ने कहा कि अब तक हुई किसी भी बैठक में डीएम शामिल नहीं हुए, जिससे जिला पंचायत की भूमिका कमजोर हो रही है।

जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, पूनम कैंतुरा और बचन सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि जिला योजना तैयार करते समय सदस्यों के क्षेत्रों की जरूरतों और प्रस्तावों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही, जबकि विधायकों के प्रस्तावों को तवज्जो दी जा रही है। इससे उनके क्षेत्रों के जरूरी विकास कार्य अटके हुए हैं।

सदस्यों ने जिला योजना और जिला पंचायत के विकास कार्यों के शिलापट्टों पर निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के नाम नहीं लिखे जाने का मुद्दा भी उठाया। भरत सिंह रावत समेत अन्य सदस्यों ने आरोप लगाया कि शिलापट्टों पर भाजपा पदाधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित किए जा रहे हैं, जबकि निर्वाचित सदस्यों की उपेक्षा हो रही है।

पूनम कैंतुरा ने डीपीसी का गठन नहीं होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे जिला पंचायत को कमजोर किया जा रहा है। सदस्यों ने उरेडा से पर्याप्त सोलर लाइट उपलब्ध कराने की मांग की, जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला ने प्रत्येक सदस्य के क्षेत्र में 15-15 सोलर लाइट देने के निर्देश दिए।

महेंद्र राणा समेत अन्य सदस्यों ने अवैध शराब पर रोक लगाने की मांग उठाई। वहीं पूनम कैंतुरा, सीमा चमोली आदि ने कृषि विभाग के घेरबाड़ कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाया और सदस्यों के प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की मांग की। अध्यक्ष रचना बुटोला ने अधिकारियों को समस्याओं का निर्धारित समय में निस्तारण करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, अपर मुख्य अधिकारी खंडूड़ी समेत अधिकारी और जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह