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देहरादून में दोपहर बाद बदला मौसम का मिजाज, ओलावृष्टि और बारिश से मिली राहत

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देहरादून में दोपहर बाद बदला मौसम का मिजाज, ओलावृष्टि और बारिश से मिली राहत


देहरादून, 15 जून (हि.स.)। राजधानी देहरादून में सोमवार दोपहर अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।

सुबह तक तेज धूप और गर्म मौसम के बाद दोपहर में आसमान पर घने बादल छा गए और देखते ही देखते बारिश शुरू हो गई। शहर के राजपुर रोड, सहस्रधारा रोड, प्रेमनगर, बसंत बिहार रायपुर, पटेलनगर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। कुछ इलाकों में ओले भी गिरे, जिससे तापमान में गिरावट महसूस की गई। हालांकि वर्षा अधिक देर तक नहीं चली, लेकिन इससे वातावरण में ठंडक घुल गई और लोगों ने राहत महसूस की।

बारिश और ओलावृष्टि के बाद देहरादून का मौसम सुहावना हो गया। पार्कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने ठंडे मौसम का आनंद लिया। किसानों ने भी इस बारिश को फसलों के लिए लाभकारी बताया है, हालांकि ओलावृष्टि से कुछ स्थानों पर बागवानी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

अगले 3 घंटों में चंपावत, देहरादून, रुद्रप्रयाग, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी जिलों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बिजली चमकने, झोकेदार हवाएं 50 किलोमीटर चलने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में 15 से 21 जून तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ वर्षा होने की संभावना है। वहीं अन्य जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 15 जून के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। 17 जून से 21 जून के बीच हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी तीन से चार दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।

विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि गर्जन, बिजली और तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय