विरासत महोत्सव में स्कूली बच्चों ने चित्रों में उकेरी शहर और प्रकृति की सुंदरता
देहरादून, 30 अक्टूबर (हि.स.)। देहरादून में आयोजित विरासत महोत्सव में शुक्रवार को स्कूली बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा देखने को मिली। महोत्सव के तहत आयोजित ‘सिट एंड ड्रॉ’ प्रतियोगिता में 13 विद्यालयों के विद्यार्थियों सहित कुल 275 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं, महोत्सव में पहली बार वैली ऑफ वर्ड्स के सहयोग से ‘वॉव एट विरासत’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें साहित्य, कविता, पुस्तक चर्चा और संगीत का संगम देखने को मिला।
रीच संस्था की ओर से आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता का विषय ‘माय सिटी एंड नेचर’ रखा गया था। इसमें बच्चों ने अपने शहर,प्राकृतिक सुंदरता,पर्यावरण और आसपास के परिवेश को रंगों के माध्यम से कागज पर उकेरा। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके अलावा मौके पर पहुंचकर भी बड़ी संख्या में बच्चों ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया।
प्रतियोगिता में स्मॉल बेल्स, दून प्रेसीडेंसी स्कूल,सेंट जूड्स स्कूल,ब्रुकलिन स्कूल,दून सरला अकादमी, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज,फ्लाईफोट पब्लिक स्कूल,दून इंटरनेशनल स्कूल सिटी कैंपस,श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल बालावाला, ज्ञानंदा स्कूल फॉर गर्ल्स,दिल्ली पब्लिक स्कूल विकासनगर, आर्मी पब्लिक स्कूल क्लेमेंट टाउन और वेलहम बॉयज स्कूल के विद्यार्थी शामिल हुए।
विरासत महोत्सव में पहली बार वैली ऑफ वर्ड्स की ओर से ‘वॉव एट विरासत’ का आयोजन हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड और हिंदी साहित्य की रचनात्मक परंपरा को पुस्तक चर्चा, कविता पाठ और संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत सचिन चौहान के स्वागत संबोधन से हुई। इसके बाद राजकुमार पंवार की पुस्तक ‘अब हुआ सवेरा’ पर सोमेश्वर पांडे के साथ चर्चा हुई। प्रख्यात हिंदी गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र की संपूर्ण काव्य रचनाओं पर भी विशेष सत्र आयोजित किया गया।
उत्तराखंड राज्य के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रकाशित पुस्तक ‘उत्तराखंड के 25 वर्ष’ पर परिचर्चा हुई। इसमें पुस्तक के संपादक संजीव चोपड़ा और सह-संपादक गंधर्व गोपाल जोशी ने राजलक्ष्मी दत्ता के साथ संवाद किया। सत्र की अध्यक्षता मनोज बर्थवाल ने की।
हिंदी कविता सत्र में श्रुति वत्स, सोमेश्वर पांडे और भारती मिश्र ने अपनी कविताओं का पाठ किया। इसका संचालन सचिन चौहान ने किया, जबकि अध्यक्षता बुद्धिनाथ मिश्र ने की। कार्यक्रम का समापन पंजाबी कवि शिव कुमार बटालवी के गीतों की संगीतमय प्रस्तुति से हुआ। इसे अभिनव त्यागी ने प्रस्तुत किया।
महोत्सव के निदेशक डॉ. संजीव चोपड़ा ने कहा कि वैली ऑफ वर्ड्स और विरासत का एक साथ आना दो धाराओं के संगम जैसा है। उन्होंने इसे साहित्य, संस्कृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति को साझा मंच देने वाली पहल बताया।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

