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विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से ही सशक्त होगा भविष्य : मुख्य सचिव

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विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से ही सशक्त होगा भविष्य : मुख्य सचिव


देहरादून, 27 फरवरी (हि.स.)। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने शुक्रवार को उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (युकॉस्ट) के आंचलिक विज्ञान केंद्र, विज्ञान धाम में आयोजित दो दिवसीय नवाचार महोत्सव का शुभारंभ करते हुए कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार आधुनिक समाज की आधारशिला हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी दक्षता ही विकास की गति को सुनिश्चित करती है। मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे जिज्ञासा, शोध और प्रयोग की भावना को अपनाते हुए नवाचार की दिशा में सक्रिय योगदान दें और राज्य और देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सुराज एवं सूचना प्रौद्योगिकी के सचिव नितेश कुमार झा ने विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं नवाचारोन्मुख पहलों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विज्ञान एवं तकनीक आधारित विकास मॉडल को प्राथमिकता दे रही है, जिससे शोध, स्टार्टअप्स और तकनीकी उद्यमिता को प्रोत्साहन मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन पहलों के माध्यम से उत्तराखंड में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सशक्त आधार मिलेगा और युवा नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे।

महानिदेशक, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (युकॉस्ट) प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि यह नवाचार महोत्सव विद्यार्थियों, शोधार्थियों, स्टार्टअप्स एवं नवाचारकों को अपने विचारों, शोध कार्यों और तकनीकी उपलब्धियों के प्रदर्शन के लिए एक प्रभावी एवं प्रेरणादायी मंच उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ राज्य में नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने निर्माणाधीन साइंस सिटी स्थल का निरीक्षण किया और युकॉस्ट की विभिन्न अत्याधुनिक सुविधाओं-सामुदायिक रेडियो “विज्ञान वाणी”, जैव विविधता पार्क, हाइड्रोपोनिक सेटअप, जल प्रयोगशाला, बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) केंद्र, साइंस एजुकेशन रिसर्च विंग, नॉलेज मैनेजमेंट सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब एवं हिमालयन गैलरी-का अवलोकन किया।

महोत्सव के अंतर्गत विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विषयक प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया गया, जिसमें विभिन्न स्टार्टअप्स एवं नवाचार परियोजनाओं ने अपने उत्पाद एवं मॉडल प्रस्तुत किए। “विज्ञान एवं नवाचार में महिलाएं: अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में डॉ. रीमा पंत,मीनाक्षी खाती, हिमानी गोस्वामी एवं नमिता टम्टा ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं “प्रभावी नवाचार: विज्ञान आधारित स्टार्टअप्स एवं बैंकिंग सहयोग की भूमिका” विषयक सत्र में डॉ. भुवन जोशी,अजय रावत एवं डॉ. पीयूष गोयल ने विचार रखे।

महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों के लिए रंगोली, नाटक, प्रश्नोत्तरी, एक्सटेम्पोर, पोस्टर एवं मॉडल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता,रोबोटिक्स एवं स्टेम विषयों पर कार्यशालाओं के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। बौद्धिक संपदा अधिकार एवं करियर मार्गदर्शन पर आयोजित विशेष सत्र में डॉ. डी.पी. उनियाल ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

इस नवाचार महोत्सव में 300 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। सार्क एजुकेशन नेपाल, हिमज्योति पब्लिक स्कूल, सेलाकुई इंटरनेशनल स्कूल, टोंस ब्रिज स्कूल, सेंट जोसेफ अकादमी एवं उत्तरांचल विश्वविद्यालय सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय