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‘नमामि भारतम्’ में उत्तराखंड के 450 विद्यालयों में गूंजा वंदे मातरम्

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‘नमामि भारतम्’ में उत्तराखंड के 450 विद्यालयों में गूंजा वंदे मातरम्


‘नमामि भारतम्’ में उत्तराखंड के 450 विद्यालयों में गूंजा वंदे मातरम्


- दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने किया सामूहिक राष्ट्रगीत गायन

देहरादून, 25 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से आयोजित ‘नमामि भारतम्—सामूहिक वंदे मातरम्’ कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को उत्तराखंड के करीब 450 विद्यालयों में सामूहिक राष्ट्रगीत गायन हुआ। कार्यक्रम में दो लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक,अभिभावक, पूर्व छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

प्रदेश के हिमालयी सीमांत से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विद्यालय परिसरों में एक साथ राष्ट्रगीत की गूंज सुनाई दी। चमोली के नीति क्षेत्र, उत्तरकाशी के नेटवाड़, पिथौरागढ़ के मुआनी, मुनस्यारी और गंगोलीहाट जैसे दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालय भी आयोजन में सहभागी बने।

विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं ने ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना का महत्वपूर्ण माध्यम बना।

मसूरी में महात्मा योगेश्वर सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में भी सामूहिक गायन कार्यक्रम आयोजित हुआ। छात्र-छात्राओं और अतिथियों ने राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन किया। रिटायर्ड कर्नल अनिल कुमार, निधि बहुगुणा और मनोज रायल ने विद्यार्थियों को ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराते हुए देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।

आयोजकों के अनुसार, सीमांत क्षेत्रों से लेकर मैदानी जिलों तक एक साथ हुए राष्ट्रगीत गायन में समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रही। ‘नमामि भारतम्’ के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय