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बैसाखी पर मनाया खालसा जन्म दिवस, गुरुद्वारे में कीर्तन व रक्तदान शिविर आयोजित

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बैसाखी पर मनाया खालसा जन्म दिवस, गुरुद्वारे में कीर्तन व रक्तदान शिविर आयोजित


हरिद्वार, 12 अप्रैल (हि.स.)। प्रेमनगर चौक स्थित निर्मल विरक्त कुटिया डेरा कार सेवा ऐतिहासिक गुरुद्वारे में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बैसाखी पर्व को खालसा जन्म दिवस के रूप में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। अखंड पाठ के भोग के उपरांत रागी जत्थों—ज्ञानी प्रीतम सिंह, ज्ञानी मालक सिंह, ज्ञानी शमशेर सिंह और ज्ञानी हरबीर सिंह द्वारा शब्द कीर्तन किया गया, वहीं कथावाचकों ने संगत को कथा सुनाकर निहाल किया।

इस अवसर पर बाबा सुखा सिंह (कार सेवा, दिल्ली) और बाबा सुलतान लाड़ी ने बैसाखी और खालसा जन्म दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ने की शक्ति दी। उस समय बढ़ते जुल्म को समाप्त करने के लिए खालसा की स्थापना एक ऐतिहासिक कदम था।

बाबा पंडत ने कहा कि सिख समाज आज भी गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल को दिनारपुर से हर की पैड़ी तक पैदल कूच किया जाएगा, जिसकी सूचना प्रशासन को दे दी गई है। हर की पैड़ी के पास गुरुद्वारे के मूल स्थान पर अरदास की जाएगी, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होंगे।

कार्यक्रम के दौरान रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें संगत ने बढ़-चढ़कर स्वैच्छिक रक्तदान किया। इस अवसर पर सूबा सिंह ढिल्लों, हरजीत सिंह, सिमरनजीत सिंह, लाहौरी सिंह, अनूप सिंह सिद्धू, उज्जल सिंह सेठी, सुखदेव सिंह,सतपाल सिंह चौहान,रमनदीप सिंह,संजय चौधरी,राजेंद्र सिंह, हरमन सिंह, निर्मल कौर, सिमरन,लखविंदर सिंह,जसविंदर कौर,नैनी महेंद्रू, बीना चितकारिया, सुमन शर्मा, अमनदीप कौर सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला