यूटीयू में पेपर लीक की पुष्टि, दो विषयों की परीक्षाएं रद्द
-पेपर सेटर पर लगाया गया सात साल का प्रतिबंध
देहरादून, 23 जुलाई (हि.स.)। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में सत्र 2025-26 की सम सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी हैं।
विश्वविद्यालय ने मशीन लर्निंग, बार इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और इलेक्ट्रो फील्ड थ्योरी से जुड़े मामले की जांच के बाद मशीन लर्निंग तथा इलेक्ट्रो फील्ड थ्योरी विषयों की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। 22 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार एक विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। शिकायत मिलने पर गठित विश्वविद्यालय स्तरीय जांच समिति और संबंधित संस्थान की आंतरिक जांच समिति ने मामले की जांच की।
जांच रिपोर्ट में पाया गया कि बाह्य प्रश्नपत्र निर्माता ने परीक्षा की गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन किया है। इन तथ्यों के आधार पर विश्वविद्यालय ने दोनों परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया।
विश्वविद्यालय के अनुसार, अब विषयों की री-एग्जाम अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में कराई जाएगी। विस्तृत परीक्षा कार्यक्रम और परीक्षा केंद्रों की सूची जल्द ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।
पेपर लीक होने पर सख़्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए संबंधित बाह्य प्रश्नपत्र निर्माता को आगामी सात वर्षों तक विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया गया है साथ ही संबंधित संस्थान को परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
यह घटना उत्तराखंड की तकनीकी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गोपनीयता को लेकर सवाल उठा रही है। यूटीयू प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर नियमित रूप से अपडेट चेक करें।
विश्वविद्यालय की उच्च स्तरीय जांच समिति और संस्थान की आंतरिक जांच रिपोर्ट में यह पाया गया कि उक्त विषय के पेपर सेटर आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून ने परीक्षा से पहले छात्रों के आंतरिक पोर्टल और व्हाट्सएप पर परीक्षा से संबंधित प्रश्न साझा किए थे।
विश्वविद्यालय ने इसे परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता, शुचिता और अकादमिक मानकों का गंभीर उल्लंघन माना है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इलेक्ट्रो फिल्ड थियोरी विषय का प्रश्नपत्र भी उसी शिक्षक द्वारा तैयार किया गया था।
विश्वविद्यालय ने कहा कि इस विषय में भी प्रश्नपत्र की गोपनीयता भंग होने की पूर्ण आशंका है। इसी कारण छात्रहित और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

