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यूपीसीएल बोर्ड ने 2026-27 के राजस्व और पूंजीगत बजट को मंजूरी दी

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यूपीसीएल बोर्ड ने 2026-27 के राजस्व और पूंजीगत बजट को मंजूरी दी


देहरादून, 27 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के निदेशक मंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक राजस्व एवं पूंजीगत बजट को मंजूरी दे दी। मुख्य सचिव एवं बोर्ड के अध्यक्ष आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में विद्युत अवसंरचना के विस्तार, मानव संसाधन नीति और भविष्य की बिजली मांग को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में स्वतंत्र निदेशक पराग गुप्ता,प्रमुख सचिव (वित्त) दिलीप जावलकर,यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक पी.सी.ध्यानी,यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक सहित बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

निदेशक मंडल ने विस्तृत विचार-विमर्श के बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के वार्षिक राजस्व बजट और पूंजीगत बजट को स्वीकृति प्रदान की। बोर्ड ने विश्वास जताया कि स्वीकृत बजट से निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, विद्युत वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण होगा और उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

बैठक में मानव संसाधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। बोर्ड ने नव नियुक्त कर्मचारियों को रियायती विद्युत दर, सेवाकाल के दौरान दिवंगत कार्मिकों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि और विद्युत दुर्घटनाओं में पशुओं की मृत्यु पर क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उत्तराखंड के तीनों ऊर्जा निगमों के लिए समान नीति तैयार करने का निर्णय लिया। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई प्रमुख सचिव (ऊर्जा) के स्तर से की जाएगी।

विद्युत अवसंरचना के विस्तार के तहत बोर्ड ने गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में 12 नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने की मंजूरी दी। साथ ही चम्पावत जिले के अमोरी और भगीना-भण्डारी में दो नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित करने का भी अनुमोदन किया गया। बोर्ड का मानना है कि इन परियोजनाओं से संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बेहतर होगी और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय