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संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में डॉ. चिन्मय पण्ड्या की सहभागिता

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संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में डॉ. चिन्मय पण्ड्या की सहभागिता


हरिद्वार, 25 सितंबर (हि.स.)। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा के हाई-लेवल वीक में आमंत्रित अतिथि के रूप में सहभागिता की। वैश्विक मंच पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने शांति, मानवता, सह-अस्तित्व और आध्यात्मिक चेतना जैसे विषयों पर विभिन्न देशों के बुद्धिजीवियों और गणमान्य प्रतिनिधियों से संवाद किया।

शांतिकुंज की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, डॉ. पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया अनेक चुनौतियों से गुजर रही है। इनके समाधान के लिए तकनीकी और आर्थिक विकास के साथ मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और आपसी विश्वास को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की उस जीवन-दृष्टि को साझा किया, जिसमें पूरी मानवता को एक परिवार माना गया है तथा शांति और सद्भाव को जीवन का आधार बताया गया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा का हाई-लेवल वीक वैश्विक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर दुनिया के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों के विचार-विमर्श का महत्वपूर्ण मंच है। इस दौरान डॉ. पण्ड्या ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ मानवता के साझा सरोकारों और विश्वशांति में आध्यात्मिक चेतना की भूमिका पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

विज्ञप्ति में कहा गया कि जन्मशताब्दी वर्ष के दौरान डॉ. पण्ड्या की यह सहभागिता युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और माता भगवती देवी शर्मा के मानव-एकता, विश्वबंधुत्व, सद्भाव और वसुधैव कुटुम्बकम के विचारों को वैश्विक संवाद से जोड़ने का अवसर बनी। गायत्री परिवार की ओर से मानवता के कल्याण और विश्वशांति के लिए भारतीय संस्कृति की जीवन-दृष्टि को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने के प्रयासों की कड़ी में इसे महत्वपूर्ण बताया गया है।

उल्लेखनीय है कि डॉ. पण्ड्या इससे पहले लंदन स्थित हाउस ऑफ लॉर्ड्स, अल-खोई फाउंडेशन और कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन के विभिन्न कार्यक्रमों में भी सहभागिता कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने यूनेस्को की अंतर-सरकारी बैठक, विएना स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शोध पत्र प्रस्तुति तथा जिनेवा में आयोजित एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट और जिनेवा सेंटर फॉर सिक्योरिटी पॉलिसी के कार्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भारतीय आध्यात्मिक दृष्टिकोण सहित विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला