2027 चुनाव से पहले यूकेडी ने जारी किया नीति दस्तावेज, अनुच्छेद-371 समेत पांच प्रमुख वादे
देहरादून, 02 अगस्त (हि. स.)। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रविवार को अपना नीति दस्तावेज 'संकल्प-नए उत्तराखण्ड का' (प्रथम भाग) जारी करते हुए कहा कि सत्ता में आने पर राज्य को अनुच्छेद-371 के तहत विशेष संवैधानिक संरक्षण दिलाने, मूल निवास व्यवस्था को कानूनी मान्यता देने, सशक्त भू-कानून लागू करने, विवश पलायन का स्थायी समाधान करने और आरक्षण के भीतर आरक्षण लागू करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
पार्टी की नीति निर्धारण समिति के अध्यक्ष डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने पत्रकार वार्ता में नीति दस्तावेज जारी करते हुए कहा कि इसमें राज्य के भविष्य, युवाओं के हितों और उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़े मुद्दों पर पार्टी की स्पष्ट नीति प्रस्तुत की गई है। उन्होंने कहा कि जनता का समर्थन मिलने पर इन पांच प्राथमिकताओं को सरकार की नीति का हिस्सा बनाया जाएगा।
नीति निर्धारण समिति के संयोजक डॉ. सुरेश सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड के समग्र विकास और राज्य की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इन विषयों पर ठोस नीति निर्माण आवश्यक है। उन्होंने दस्तावेज के प्रमुख बिंदुओं की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य राज्य के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप प्रस्तुत करना है।
यूकेडी का कहना है कि प्रस्तावित मूल निवास व्यवस्था किसी के अधिकारों का हनन करने के लिए नहीं, बल्कि उत्तराखंड के मूल निवासियों को शिक्षा, रोजगार, भूमि अधिकार, सरकारी योजनाओं, उद्यमिता और सरकारी निविदाओं में न्यायसंगत अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की जाएगी।
पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक काशी सिंह ऐरी ने पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि 'संकल्प-नए उत्तराखण्ड का' केवल चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि राज्य के स्वाभिमान और स्थायी विकास का नीति दस्तावेज है, जिसे व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रेसवार्ता में केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती, डॉ. शैलशक्ति कपरवान, पंकज व्यास, मीनाक्षी घिड़ियाल, लताफ़क हुसैन, जय प्रकाश उपाध्याय, बहादुर सिंह रावत, गणेश काला, प्रकाश भट्ट, विजेंद्र रावत, राजनीतिन रावत, नैना लखेड़ा, शिवनंदन विष्ट, डॉ. पंकज पैन्यूली सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

