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ट्रक यूनियन विवाद में नया मोड, क्रॉस मुकदमों के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने

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ट्रक यूनियन विवाद में नया मोड, क्रॉस मुकदमों के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने


हरिद्वार, 13 सितंबर (हि.स.)। ट्रक यूनियन लक्सर और सदस्य आवर्त सिंघल के बीच चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने के बाद यूनियन पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा और लगाए गए आरोपों को निराधार बताया।

यूनियन पदाधिकारियों लेखराज, दीपक और कोषाध्यक्ष अमरीश गर्ग ने कहा कि लक्सर ट्रक यूनियन पिछले 30-35 वर्षों से शुगर मिल के साथ कार्य कर रही है और सैकड़ों लोगों को रोजगार दे रही है। यूनियन सामाजिक संस्था की तरह काम करती है।

पदाधिकारियों ने गाड़ी हटाने के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि यूनियन में आवर्त सिंघल के रिश्तेदारों और करीबियों की गाड़ियां भी चल रही हैं। कोषाध्यक्ष अमरीश गर्ग ने कहा कि किसी का रोजगार छीनने का अधिकार किसी को नहीं है।

गाड़ी से संबंधित मामले को यूनियन बोर्ड में रखा जाएगा और बोर्ड के निर्णय को माना जाएगा।

अवैध वसूली के आरोपों पर गर्ग ने कहा कि यूनियन में प्रति गाड़ी 300 रुपये कमीशन की निर्धारित व्यवस्था है, जिससे यूनियन के खर्च चलते हैं। यूनियन पंजीकृत है, प्रतिदिन हिसाब रखा जाता है और हर साल 31 मार्च को ऑडिट होता है। यदि अवैध वसूली हुई है तो शिकायत या पर्ची सार्वजनिक की जाए।

सचिव अनिल चौधरी ने आरोप लगाया कि बातचीत के लिए बुलाने पर आवर्त सिंघल भड़क गए और गाली-गलौज की, जिसके बाद बैठक में उनकी गाड़ी न लगाने का निर्णय लिया गया। बाद में फोन पर गोली मारने की धमकी मिलने पर पुलिस को तहरीर दी गई। दूसरी ओर से भी यूनियन पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।

यूनियन का कहना है कि विवाद को बातचीत से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल मामला पुलिस जांच में है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला