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घंटाघर पर दीप-मोमबत्तियां जलाकर विभाजन विभीषिका के हुतात्माओं को दी श्रद्धांजलि

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घंटाघर पर दीप-मोमबत्तियां जलाकर विभाजन विभीषिका के हुतात्माओं को दी श्रद्धांजलि


देहरादून, 13 अगस्त (हि.स.)। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर गुरुवार शाम देहरादून के घंटाघर पर सर्व पंजाबी समाज के तत्वावधान में वर्ष 1947 के विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

कार्यक्रम में पंजाबी समाज की विभिन्न बिरादरियों, मंदिर एवं गुरुद्वारा समितियों के प्रतिनिधियों, वरिष्ठजनों, महिलाओं और युवाओं ने दीप एवं मोमबत्तियां जलाकर विभाजन की त्रासदी में दिवंगत लोगों को नमन किया।

कार्यक्रम में कैंट विधायक सविता कपूर,राज्यमंत्री बलजीत सोनी,अशोक वर्मा और श्याम अग्रवाल, गढ़वाल मंडल विकास निगम की निदेशक ऋतु मित्रा,उत्तरांचल पंजाबी महासभा के संरक्षक राकेश ओबराय सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल देश के भू-भाग का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह एक बड़ी मानवीय त्रासदी थी। विभाजन के दौरान असंख्य परिवारों को अपने घर, कारोबार, जमीन-जायदाद और जन्मभूमि छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। हिंसा और यातनाओं के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्राण गंवाए और परिवार बिछड़ गए।

वक्ताओं ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विस्थापित परिवारों ने हिम्मत नहीं हारी और नए सिरे से जीवन शुरू किया। अपने परिश्रम और संघर्ष के बल पर उन्होंने न केवल परिवारों को दोबारा स्थापित किया, बल्कि देश के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज पंजाबी समाज शिक्षा, सेना, स्वास्थ्य, उद्योग, व्यापार और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री स्तर के विश्वास डाबर की ओर से वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान हुए नरसंहार, विस्थापन और मानवीय त्रासदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्मरण और मान्यता दिलाने का प्रस्ताव रखा गया। सर्व पंजाबी समाज की ओर से इस ऐतिहासिक त्रासदी को संयुक्त राष्ट्र संघ के समक्ष रखने और इस संबंध में औपचारिक प्रस्ताव भेजने का संकल्प व्यक्त किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि विभाजन की पीड़ा और उससे जुड़े इतिहास को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि समाज उस दौर से सीख लेते हुए सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़े।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के तहत 14 अगस्त को सुबह 10:30 बजे प्रेमनगर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी उपस्थित रहेंगे। इस दौरान शब्द-कीर्तन और हवन के माध्यम से विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में उत्तरांचल पंजाबी महासभा, जिला महानगर देहरादून के अध्यक्ष बलदेव पराशर के नेतृत्व में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन गोविंद मोहन ने किया।

आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी अतिथियों, समाज के वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं और नागरिकों का आभार व्यक्त किया तथा विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय