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टिहरी लेक फेस्टिवल में पर्यावरण संरक्षण का संदेश, नाम के साथ पहली बार जुड़ा ‘हिमालयन ओ-टू’

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टिहरी लेक फेस्टिवल में पर्यावरण संरक्षण का संदेश, नाम के साथ पहली बार जुड़ा ‘हिमालयन ओ-टू’


देहरादून, 07 मार्च (हि.स.)। टिहरी लेक फेस्टिवल इस बार पर्यटन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रहा है। उत्तराखंड सरकार ने बड़े आयोजनों को पर्यावरणीय थीम से जोड़ने की पहल के तहत इस आयोजन में भी प्रकृति संरक्षण को प्रमुखता दी है। राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों की तरह इस फेस्टिवल की अवधारणा में भी पर्यावरण के प्रति जागरूकता को शामिल किया गया है।

इस वर्ष आयोजन का पूरा नाम “हिमालयन ओ-टू टिहरी लेक फेस्टिवल” रखा गया है। फेस्टिवल के नाम के साथ पहली बार “हिमालयन ओ-टू” जोड़े जाने से पर्यावरण संरक्षण को लेकर चर्चा भी तेज हुई है।

टिहरी की जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल के अनुसार आयोजन की रूपरेखा तैयार करते समय यह विचार सामने आया कि कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा दिया जाए, जिसके चलते इसके नाम के साथ “हिमालयन ओ-टू” जोड़ा गया।

राज्य सरकार पिछले कुछ समय से अपने बड़े आयोजनों के साथ पर्यावरण का संदेश जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। वर्ष 2025 में आयोजित राष्ट्रीय खेल 2025 की थीम भी पर्यावरण पर आधारित रही थी। उस दौरान हरित वन स्थापित करने से लेकर खिलाड़ियों को दिए गए पदकों और अन्य गतिविधियों में भी पर्यावरण संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यावरण को लेकर देश-दुनिया में बढ़ती चिंता के बीच जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड से सभी की अपेक्षाएं जुड़ी हैं और राज्य सरकार भी इस संबंध में अपनी जिम्मेदारी को महसूस करते हुए बड़े आयोजनों के साथ पर्यावरण की थीम को जोड़ रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय