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लखपति दीदी योजना में पौड़ी जिले की 33 हजार 7 सौ से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर

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लखपति दीदी योजना में पौड़ी जिले की 33 हजार 7 सौ से अधिक महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर


पौड़ी गढ़वाल, 25 जुलाई (हि.स.)। पहाड़ की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में लखपति दीदी योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। जिले में अब तक 33 हजार 7 सौ से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़कर स्वरोजगार अपना चुकी हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं बेकरी, डेयरी, कैफे, किराना, बकरी पालन, कुक्कुट पालन और कृषि जैसे कार्यों से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं।

दुग्ध व्यवसाय से जुड़ी आरती रावत की सफलता इस योजना की सबसे बड़ी मिसाल बनकर सामने आई है। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन माध्यम से 'लखपति दीदी' के रूप में सम्मानित किया। उनका कहना है कि योजना ने उन्हें आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास भी दिया।

मुख्यालय की बेकरी में कार्यरत उमा देवी और कुसुम देवी बताती हैं कि पहले रोजगार के अवसर सीमित थे, लेकिन योजना से जुड़ने के बाद अब वे नियमित आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भागीदारी निभा रही हैं। वहीं कैफे में कार्यरत शालिनी पंवार और अंजू थपलियाल का कहना है कि अब वे सम्मानजनक रोजगार के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

योजना से लाभान्वित रामेश्वरी देवी ने अपने छोटे किराना व्यवसाय का विस्तार कर अन्य कारोबार भी शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि इस योजना ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बदल दी। डीआरडीए के परियोजना निदेशक विवेक कुमार उपाध्याय ने बताया कि जनपद की महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र महिला को योजना का लाभ मिले।

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि जिले में 33 हजार से अधिक महिलाएं व्यक्तिगत और सामूहिक उद्यमों के माध्यम से बेहतर आय अर्जित कर रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह