‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को जन आंदोलन बनाने पर जोर
-'टीबी मुक्त भारत' के लिए 100 दिवसीय सघन अभियान का शुभारंभ
देहरादून, 24 मार्च (हि.स.)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने पर बल देते हुए कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए व्यापक जनभागीदारी आवश्यक है।
मंगलवार शाम लोक भवन में विश्व टीबी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड की ओर से ‘100 दिन सघन टीबी उन्मूलन’ अभियान के तहत राज्यपाल ने मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि टीबी से स्वस्थ हुए लोग समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उनके अनुभव जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं अन्य संबंधित पक्षों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इनकी बदौलत उत्तराखंड टीबी नियंत्रण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल है।
उन्होंने अभियान की 100 दिवसीय अवधि को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए लक्ष्यों की स्पष्ट रूपरेखा और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी टीबी उन्मूलन में एक बड़ी बाधा है, जिसे दूर करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग अब भी टीबी से अधिक प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित न रहे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों से प्रदेश को शीघ्र ही टीबी मुक्त बनाया जा सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने टीबी रोगियों को गोद लेकर उनकी देखभाल एवं मानसिक सहयोग प्रदान करने वाले ‘निक्षय मित्रों’ को सम्मानित किया। साथ ही टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद देहरादून, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ को सम्मान प्रदान किया गया। टीबी से स्वस्थ हो चुके ‘टीबी चैंपियनों’ को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों को टीबी उन्मूलन एवं जागरूकता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के उपाध्यक्ष सुरेश भट्ट, स्वास्थ्य सचिव सचिन कुर्वे, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, एनएचएम निदेशक डॉ. रश्मि पंत सहित अन्य अधिकारी एवं मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

