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गंगा सेवा के संकल्प से कुंभ की तैयारियों को मिला जनसहभागिता का संबल

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गंगा सेवा के संकल्प से कुंभ की तैयारियों को मिला जनसहभागिता का संबल


हरिद्वार, 31 अक्टूबर (हि.स.)। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के बीच धर्मनगरी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जनसहभागिता की मुहिम तेज होने लगी है। इसी क्रम में आज मिश्री मठ की ओर से गंगा सेवा कार्यक्रम के तहत हरकी पैड़ी क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में हजारों लोगों ने भाग लेकर गंगा घाटों की स्वच्छता का संकल्प लिया।

मेलाधिकारी सोनिका सहित मेला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया। मेलाधिकारी सोनिका के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिश्री मठ के अनुयायियों के साथ सफाई अभियान में भागीदारी की। सभी ने एकत्रित कूड़े-कचरे को निर्धारित स्थान तक पहुंचाने और उसके सुरक्षित निस्तारण में सहयोग किया। अधिकारियों और आमजन को साथ-साथ श्रमदान करते देख अभियान में जनसहभागिता की भावना नजर आई।

अभियान में नगर आयुक्त नंदन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती और उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित मेला अधिष्ठान के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान मेलाधिकारी सोनिका ने नया उदासीन अखाड़ा के अध्यक्ष महंत धूनी दास महाराज और मिश्री मठ के मठाधिपति महामंडलेश्वर करौली शंकर दास महाराज से भेंट की। उन्होंने गंगा सेवा और स्वच्छता अभियान के आयोजन तथा इसमें हजारों लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए संतों और मिश्री मठ के अनुयायियों का आभार जताया।

मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि हरिद्वार करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मां गंगा के घाटों की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखना सभी का साझा दायित्व है। कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्वच्छता को केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे जनभागीदारी का विषय बनाना होगा।

उन्होंने कहा कि संत समाज, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से हरिद्वार को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के प्रयासों को नई गति मिलेगी। कुंभ की तैयारियों में आधारभूत सुविधाओं के विकास के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

गंगा घाटों की स्वच्छता के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयास जनसहयोग से और अधिक प्रभावी बनेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला