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राष्ट्रीय एकता यात्रा पर आए लद्दाख के विद्यार्थियों ने राज्यपाल गुरमीत सिंह से की मुलाकात

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राष्ट्रीय एकता यात्रा पर आए लद्दाख के विद्यार्थियों ने राज्यपाल गुरमीत सिंह से की मुलाकात


देहरादून, 05 सितंबर (हि.स.)। ऑपरेशन सद्भावना के अंतर्गत राष्ट्रीय एकता यात्रा पर आए लेह, लद्दाख के विद्यार्थियों ने शनिवार को लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) से मुलाकात की। यह भ्रमण 129 सत रेजीमेंट धनुर्धारी आर्टिलरी ब्रिगेड द्वारा फायर एंड फ्यूरी कोर के तत्वावधान में किया जा रहा है। भ्रमण में विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख संस्थानों एवं व्यक्तित्वों से संवाद का अवसर मिल रहा है। विद्यार्थी वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों का भ्रमण करेंगे।

राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय एकता भ्रमण केवल अलग-अलग स्थानों को देखने की यात्रा नहीं, बल्कि भारत को जानने, समझने और उससे जुड़ने का अवसर है। लद्दाख, उत्तराखण्ड और देश के अन्य हिस्सों की भाषा, खान-पान और संस्कृति अलग हो सकती है, लेकिन तिरंगा और देश के प्रति गर्व का भाव सभी को जोड़ता है। यही भारत की विविधता में एकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यात्रा के दौरान लोगों से मिलें, उनकी संस्कृति, जीवन को समझें और अपने अनुभवों को लेह लौटकर परिवार, मित्रों और विद्यालय के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि वे इस यात्रा से राष्ट्रीय एकता के दूत बनकर लौटें। राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने सपनों को बड़ा रखने और मेहनत, अनुशासन व दृढ़ता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जन्मस्थान व्यक्ति को पहचान और जड़ें देता है, लेकिन उसकी सीमाएं तय नहीं करता। कठिन परिस्थितियों में लद्दाख के पर्वतों से दृढ़ता सीखनी चाहिए।

राज्यपाल ने छात्रों से अपने सपनों को सीमित नहीं करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, आत्मविश्वास और साहस के साथ वे जीवन में अपनी पहचान बनाएं। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल देश के जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र-निर्माता होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा विद्यार्थियों के लिए नई सीख, अनुभव और प्रेरणा का माध्यम बनेगी। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट कर्नल अनिल कुमार सहित राष्ट्रीय एकता यात्रा पर आए छात्र-छात्राएं और शिक्षक आदि उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल