विद्यार्थियों ने किया बायो-फ्लॉक मत्स्य तकनीक केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण
नैनीताल, 29 मार्च (हि.स.)। कुमाऊं विश्वविद्यालय के इनोवेशन इंक्यूबेशन सेंटर की ओर से रविवार को विद्यार्थियों को जन्तु विज्ञान विभाग स्थित बायो-फ्लॉक मत्स्य तकनीक केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई।
केंद्र के निदेशक प्रो.आशीष तिवारी ने फील्ड एक्सपोजर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि व्यावहारिक ज्ञान से विद्यार्थियों की समझ और कौशल में वृद्धि होती है। केंद्र प्रभारी प्रो. हरीश चंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बायो-फ्लॉक तकनीक के माध्यम से सीमित जल और छोटे टैंकों में अधिक मात्रा में मत्स्य उत्पादन संभव है।
मुख्य अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.सुरेश चंद्रा ने कहा कि भारत मत्स्य उत्पादन में अग्रणी देशों में शामिल है और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत आर्थिक सहयोग प्राप्त कर इसे रोजगार के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने ट्राउट, स्नो ट्राउट एवं महासीर जैसी प्रजातियों की उत्पादन क्षमता पर भी जानकारी दी।
इस अवसर पर विभागीय प्राध्यापकों ने विद्यार्थियों को मत्स्य टैंकों,आहार प्रबंधन और उत्पादन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण सहित लगभग 60 विद्यार्थियों ने भाग लिया। अंत में प्रो. बिष्ट ने सभी का आभार व्यक्त किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

