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भजन-कीर्तन और प्रवचनों से सजी आध्यात्मिक संध्या

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पौड़ी गढ़वाल, 24 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर भुवनेश्वरी सिद्धपीठ में छटवे दिन का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर मां कात्यायनी के दिव्य स्वरूप का विधिवत पूजन वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। प्रातकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और दूर-दूर से आए भक्तजन मां के दर्शन कर स्वयं को धन्य अनुभव करते रहे।

मंगलवार को नवरात्रि के छटवे दिन मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना रहा, जहां एक ओर पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। वहीं, दूसरी ओर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सजीव प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से अभिभूत कर दिया। कोट, तोणख्या, सरस्वती मंडली, डांडापाणी की कीर्तन मंडलियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इन मंडलियों ने अपने मधुर एवं भावपूर्ण भजनों के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके साथ ही मंदिर प्रांगण में आयोजित प्रवचन प्रतियोगिता भी निरंतर आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस प्रतियोगिता में छात्र- विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं नैतिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष दिगंबर जुयाल, सतीश जुयाल, नवीन जुयाल, विमल जुयाल, उपासक मंडल अध्यक्ष राजेंद्र जुयाल, दिनेश जखमोला, जगदंबा जुयाल आदि शामिल रहे। संचालन डा. नवीन ममगांई ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह