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गंगा में जलस्तर बढ़ा, टापू पर फंसे 35 श्रद्धालुओं का एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू

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गंगा में जलस्तर बढ़ा, टापू पर फंसे 35 श्रद्धालुओं का एसडीआरएफ ने किया रेस्क्यू


हरिद्वार, 31 अक्टूबर (हि.स.)। शनिवार को गंगा में स्नान और पूजन के लिए जाना 35 श्रद्धालुओं के लिए मुसीबत बन गया। भीमगोड़ा बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ने से दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के पीछे गंगा के बीच बने टापू पर करीब 35 लोग फंस गए। सेनानायक एसडीआरएफअर्पण यदुवंशी के निर्देश पर उप निरीक्षक आशीष त्यागी के नेतृत्व में एसडीआरएफ, जल पुलिस और 40वीं वाहिनी पीएसी के आपदा राहत दल ने संयुक्त अभियान चलाकर सभी को सकुशल बाहर निकाल लिया।

घटना शनिवार 31 अक्टूबर सुबह करीब 11 बजे की है। प्राप्त विवरण के अनुसार 30 से अधिक श्रद्धालु दीनदयाल पार्किंग के सामने नीलधारा की ओर गंगा में स्नान और पूजन के लिए गए थे। इसी दौरान भीमगोड़ा बैराज से अचानक दाहिनी धारा में पानी का प्रवाह बढ़ गया। तेज बहाव ने उनके लौटने का रास्ता रोक दिया और सभी टापू पर फंस गए। जलस्तर लगातार बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई।

श्रद्धालुओं को फंसा देख घाट पर अफरा-तफरी मच गई। आपदा कंट्रोल रूम हरिद्वार द्वारा एसडीआरएफ से रेस्क्यू के लिए सहायता मांगी गई। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक आशीष त्यागी के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम तत्काल मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ, जल पुलिस व पीएसी के जवानों ने बोट की मदद से संयुक्त रेस्क्यू शुरू किया। बढ़ते जल प्रवाह के बीच जवानों ने एक-एक कर सभी श्रद्धालुओं को बोट में बैठाकर सुरक्षित दीनदयाल पार्किंग की ओर पहुंचाया।

गौरतलब है कि इन दिनों गंग नहर बंदी चल रही है, जिसके कारण हरकी पैड़ी सहित अन्य घाटों पर गंगाजल उपलब्ध नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं को स्नान के लिए गंगा की मुख्य धारा (नीलधारा) की ओर जाना पड़ रहा है, जहां बहाव तेज होने से खतरा बना रहता है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि बंदी के दौरान मुख्य धारा में स्नान करने से बचें।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला