प्रशासन ने आवंटित दुकानों को अन्य लोगों को किराए पर दिया, आक्रोश
गुप्तकाशी, 11 मई (हि.स.)। केदारनाथ धाम में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आवंटित प्रतिष्ठानों को अन्य लोगों को किराए पर दिए जाने को लेकर स्थानीय व्यवसाई आक्रोशित हैं।
आरोप है, कि उक्त व्यक्ति तीर्थयात्रियों को रात्रि प्रवास करवाकर शुल्क वसूल रहे हैं। जबकि स्थानीय संसाधनों से निर्मित उत्पादों की बिक्री कर महिलाओं की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए इन प्रतिष्ठानों का आवंटन किया गया था। गत तीन वर्षों से केदारनाथ में टैंट संचालन कर रही विजयलक्ष्मी ने कहा कि इन प्रतिष्ठानों को किराए पर अन्य लोगों को दिया गया है। जिसमें ये यात्रियों को सुलाकर शुल्क वसूल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत केदारनाथ धाम में चार एसएचजी समूहों को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए दुकानें आवंटित की गई थी।
दुकानें उत्पादों की बिक्री के लिए आवंटित थी । उन्होंने कहा कि इस बाबत सीडीओ को जानकारी दी गई थी, लेकिन अभी तक उक्त मामले में कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।
मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अभी महिलाएं उत्पादों को उक्त आवंटित दुकानों में नहीं ले गई है । सोचनीय विषय है कि केदारनाथ के कपाट खुलने से कई दिन पूर्व से व्यापारी संसाधनों को जुटाने में लग जाते है, ऐसे में 20 दिन गुजरने के बाद भी आखिरकार सम्बंधित ग्रुप की महिलाएं क्यों नहीं पहुंच पाई हैं।
प्रभारी खंड विकास अधिकारी वीरेंद्र मोहन ने बताया कि अनियमिता की जानकारी के बाद धरातलीय जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। जिन्हें उक्त स्थान पर जांच हेतु भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के बाद की विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / बिपिन

