नैनीताल में निजी स्कूलों पर प्रशासन सख्त, 49 और विद्यालयों को नोटिस
हल्द्वानी, 07 मई (हि.स.)। नैनीताल जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने विभिन्न शिकायतों और जांच रिपोर्टों के आधार पर 49 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही अब तक नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों की संख्या बढ़कर 99 हो गई है।
नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में हल्द्वानी, लालकुआं, रामनगर, भीमताल, बेतालघाट और नैनीताल क्षेत्र के कई निजी स्कूल शामिल हैं। इनमें होली ऐंजल पब्लिक स्कूल, वीवीएम पब्लिक स्कूल, विवेकानन्द पब्लिक School, सनराइज पब्लिक स्कूल, न्यू रेनबो पब्लिक स्कूल, लिटिल जीनियस पब्लिक स्कूल, सृजन स्कूल गौलापार, मीना एकेडमी लालकुआं, होली ट्रिनिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, डीएसबी पब्लिक स्कूल रामनगर, ग्रीनवुड सीनियर सेकेंडरी स्कूल लालकुआं तथा सनवाल पब्लिक स्कूल नैनीताल प्रमुख हैं।
जांच में सामने आया कि कई निजी विद्यालय निर्धारित एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अतिरिक्त महंगी निजी प्रकाशनों की पुस्तकें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इसके अलावा कुछ विद्यालयों द्वारा अभिभावकों पर विशेष दुकानों से पुस्तकें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाए जाने की शिकायतें भी मिली हैं। कई विद्यालयों की वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाएं भी उपलब्ध नहीं पाई गईं।
प्रशासन के अनुसार यह कार्रवाई ‘बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009’, ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019’ तथा उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है। शासन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सुलभ और आर्थिक रूप से न्यायसंगत बनाना है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों को 15 दिनों के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी करते हुए एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विकासखंड स्तर पर संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो निर्धारित समयावधि में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी।
प्रशासन का कहना है कि तय समयसीमा में आदेशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण सहित कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

