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दिव्य विभूति थे ब्रह्मलीन स्वामी केशवानंद पुरी - श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी

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दिव्य विभूति थे ब्रह्मलीन स्वामी केशवानंद पुरी - श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी


हरिद्वार, 26 जुलाई (हि.स.)। कनखल स्थित परमधाम आश्रम में आयोजित श्रीराम कथा के विश्राम पर रविवार को संत समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित संतों ने ब्रह्मलीन स्वामी केशवानंद पुरी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके जीवन और कार्यों को स्मरण किया।

संत समागम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मंशा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी केशवानंद पुरी महाराज संत समाज की दिव्य विभूति थे। सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और मानव कल्याण के लिए उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा महामंडलेश्वर साध्वी निर्भयानंद पुरी जिस निष्ठा और समर्पण के साथ गुरु की सेवा परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं, वह सभी संतों और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

महामंडलेश्वर साध्वी निर्भयानंद पुरी ने सभी संतों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परमात्मा स्वरूप गुरुदेव ब्रह्मलीन स्वामी केशवानंद पुरी से प्राप्त ज्ञान और शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए समाज में धर्म और अध्यात्म का प्रसार किया जा रहा है। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन स्वामी केशवानंद पुरी प्रकांड विद्वान और तपस्वी संत थे। साध्वी निर्भयानंद पुरी द्वारा गुरु के अधूरे कार्यों को जिस प्रकार आगे बढ़ाया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी रामानुज सरस्वती, स्वामी विवेकानंद सरस्वती, स्वामी रविदेव शास्त्री, महामंडलेश्वर स्वामी सहजानंद, महंत मोहन सिंह, संत जगजीत सिंह, महंत राज गिरी, महंत सतीश वन, स्वामी हरिहरानंद, स्वामी दिनेश दास सहित आश्रम के ट्रस्टी और सैकड़ों श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला