वैश्विक मंचों पर सनातन संस्कृति का संदेश देकर ऋषिकेश लौटीं साध्वी भगवती सरस्वती
ऋषिकेश, 22 सितंबर (हि.स.)। विदेश यात्रा के बाद जीवा की अंतरराष्ट्रीय महासचिव और आध्यात्मिक वक्ता साध्वी भगवती सरस्वती मंगलवार को ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन लौट आईं। परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों और आचार्यों ने पुष्पवर्षा और शंखध्वनि के साथ उनका स्वागत किया।
परमार्थ निकेतन के अनुसार, मूल रूप से अमेरिका के लॉस एंजिल्स की रहने वाली साध्वी भगवती सरस्वती ने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में पीएचडी की है। वह करीब 30 वर्षों से ऋषिकेश में गंगा तट पर अपने गुरु स्वामी चिदानंद सरस्वती के सानिध्य में सेवा और साधना कर रही हैं।
साध्वी भगवती सरस्वती ने संयुक्त राष्ट्र के न्यूयॉर्क और जिनेवा मुख्यालयों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय संस्कृति, योग और सनातन दर्शन से जुड़े विषयों पर व्याख्यान दिए हैं। वह विश्व धर्म संसद में भी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुई हैं। परमार्थ निकेतन में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव की वह मुख्य निदेशिका हैं।
परमार्थ निकेतन के अनुसार, उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल और स्वच्छता जैसे विषयों को भारतीय दर्शन और जीवनशैली से जोड़ते हुए विभिन्न वैश्विक मंचों पर विचार रखे हैं। उन्होंने तकनीकी और बौद्धिक मंचों पर भी भारतीय अध्यात्म और आधुनिक जीवन के बीच संवाद को लेकर व्याख्यान दिए हैं।
साध्वी भगवती सरस्वती लेखिका भी हैं। उनकी पुस्तकों में 'हॉलीवुड टू द हिमालयाज- अ जर्नी ऑफ हीलिंग एंड ट्रांसफॉर्मेशन' और 'बाय गॉड्स ग्रेस' शामिल हैं। वह 11 खंडों में प्रकाशित हिंदू धर्म के विश्वकोश की मुख्य प्रबंध संपादक भी रही हैं। --------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

