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नैनीताल रोपवे परियोजना का अब भीमताल, भवाली व कैंचीधाम तक होगा विस्तार

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नैनीताल रोपवे परियोजना का अब भीमताल, भवाली व कैंचीधाम तक होगा विस्तार


नैनीताल, 10 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में प्रस्तावित रानीबाग-भीमताल रोपवे परियोजना को शीघ्र शुरू कराने की मांग तेज हो गई है। आवास सलाहकार परिषद की उपाध्यक्ष एवं दायित्वधारी भावना मेहरा ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर परियोजना के शीघ्र क्रियान्वयन का अनुरोध किया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपते हुए कहा कि यह परियोजना पर्यटन, परिवहन और आधारभूत ढांचे के विकास के साथ क्षेत्र की यातायात समस्या के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भावना मेहरा ने मुख्यमंत्री को बताया कि परियोजना की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) रिपोर्ट तैयार करने का दायित्व उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूकेएमआरसीएल) को सौंपा जा चुका है। उन्होंने कहा कि रानीबाग से भीमताल तक रोपवे बनने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे सड़कों पर बढ़ते यातायात दबाव और जाम में कमी आएगी, यात्रा का समय घटेगा तथा क्षेत्रीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से परियोजना को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र स्वीकृति और निर्माण कार्य प्रारंभ कराने का आग्रह किया।

अब भीमताल, भवाली व कैंचीधाम तक होगा विस्तार

उल्लेखनीय है कि प्रारंभ में रोपवे परियोजना केवल रानीबाग-हनुमानगढ़ी (नैनीताल) तक सीमित थी, लेकिन अब इसका विस्तार कर रानीबाग-भीमताल-भवाली-नैनीताल-कैंची धाम रोपवे कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। पहले इसकी लंबाई लगभग 14.7 किलोमीटर प्रस्तावित थी, जबकि विस्तारित योजना में पूरे नेटवर्क की लंबाई 20.64 से 35 किलोमीटर तक हो सकती है। प्रस्तावित कॉरिडोर में रानीबाग, भीमताल, भवाली, नैनीताल और कैंची धाम सहित पांच प्रमुख स्टेशन विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।

परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए यूकेएमआरसीएल ने वैश्विक तकनीकी परामर्शदाता संस्था सिस्ट्रा इंडिया को नियुक्त किया है। भीमताल क्षेत्र में आधुनिक उपकरणों से भूमि और प्रस्तावित पिलरों की क्षमता का प्रारंभिक सर्वे भी शुरू हो चुका है। पहले चरण में रानीबाग से भीमताल तक 7.32 किलोमीटर लंबे खंड के लिए रानीबाग में लगभग पांच हेक्टेयर और भीमताल में 5.536 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की जा चुकी है।

पूर्व प्रस्ताव के अनुसार काठगोदाम-हनुमानगढ़ी रोपवे परियोजना की अनुमानित लागत 1,592.87 करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिसमें संशोधन संभव है। योजना के तहत रानीबाग स्टेशन पर लगभग 500 वाहनों की बहुस्तरीय पार्किंग, काठगोदाम रेलवे स्टेशन से लगभग 400 मीटर लंबा पैदल ओवरब्रिज तथा नैनीताल पहुंचने के बाद पर्यटकों के लिए ई-बस सेवा उपलब्ध कराने का भी प्रस्ताव है।

परियोजना के पूर्ण होने पर गर्मियों और पर्यटन सीजन में हल्द्वानी-नैनीताल तथा भीमताल मार्ग पर लगने वाले लंबे जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही रानीबाग से नैनीताल तक की यात्रा लगभग एक घंटे में पूरी हो सकेगी। बढ़ती पर्यटक और श्रद्धालु संख्या को देखते हुए कैंची धाम को भी इस रोपवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना को क्षेत्र के पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी