सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी के अध्यक्ष सोमवार को करेंगे समीक्षा
देहरादून, 4 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों और दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों की समीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे सोमवार को देहरादून में राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। न्यायमूर्ति सप्रे सड़क सुरक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति की समीक्षा के लिए स्वयं देहरादून पहुंचे हैं।
बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, सचिव परिवहन, वित्त, लोक निर्माण विभाग, शिक्षा और स्वास्थ्य सहित परिवहन, वन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में राज्य के दुर्घटना संभावित क्षेत्रों और सड़क सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे की स्थिति की प्रमुखता से समीक्षा की जाएगी। इसमें क्रैश बैरियर, ब्लैक स्पॉट, दुर्घटना संभावित स्थल, चौराहों के सुधार, यातायात संकेतक और रोड मार्किंग समेत अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा होगी।
सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर भी कमेटी अधिकारियों से जानकारी लेगी। इनमें तेज गति से वाहन चलाना, ओवरलोडिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, सीट बेल्ट और हेलमेट का इस्तेमाल नहीं करना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग तथा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने जैसे मामले शामिल हैं।
बैठक में सड़क दुर्घटना के घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए लागू प्रधानमंत्री राहत योजना पर भी विशेष जोर रहने की संभावना है। राज्य में इस वर्ष अब तक इस योजना के तहत 36 मामले सामने आए हैं, जिनमें 19 घायलों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकी है। इसके मुकाबले जनवरी से अगस्त तक राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में 1,626 लोग घायल हुए हैं।
योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को सूचीबद्ध (एंपैनल्ड) अस्पतालों में एक सप्ताह तक कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। सूचीबद्ध अस्पतालों के अलावा अन्य अस्पतालों में भी घायल को 48 घंटे तक निःशुल्क उपचार देने का प्रावधान है। अस्पतालों को उपचार के खर्च की त्वरित प्रतिपूर्ति की व्यवस्था की गई है, ताकि सड़क दुर्घटना के घायलों के इलाज में किसी तरह की परेशानी न हो।
बैठक में उत्तराखंड सरकार की ओर से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे अन्य नवाचारों और प्रभावी उपायों की भी जानकारी दी जा सकती है।
----
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

