पुल नहीं बनने से सफेद हाथी साबित हो रही है दुर्बिल गांव की सड़क
उत्तरकाशी, 11 सितंबर (हि.स.)। गांव तक सड़क तो पहुंची, लेकिन यमुना पर पुल बनाना विभाग भूल गया, जिससे वर्षों पहले बनी सड़क ग्रामीणों के लिए महज सफेद हाथी बनकर रह गई।
हनुमानचट्टी के पास दुर्बिल गांव को जोड़ने के लिए वर्षों पहले सड़क तो बना दी गई, लेकिन यमुना नदी पर मोटर पुल का निर्माण आज तक नहीं हो सका। नतीजतन ग्रामीणों को रोजाना जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। बीते दिवस को नदी पार करते समय स्थानीय निवासी सोबत सिंह का घोड़ा तेज बहाव की चपेट में आकर यमुना नदी में बह गया।
गनीमत रही कि इस दौरान कोई जनहानि नहीं हुई।
बड़कोट तहसील क्षेत्र के हनुमानचट्टी के समीप दुर्बिल गांव के लिए वर्षों पहले ब्रीडकुल की ओर से सड़क का निर्माण किया गया था। सड़क बनने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि गांव तक सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी, लेकिन यमुना नदी पर मोटर पुल का निर्माण न होने से सड़क का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
नदी पर आवागमन के लिए पूर्व में कुछ पाइप डालकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई थी, लेकिन तेज बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर में पाइप बह गए। इसके बाद से ग्रामीणों के सामने नदी पार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
बीते दिवस सोबत सिंह का घोड़ा अनियंत्रित हो कर नदी के तेज बहाव में जा गिरा और देखते ही देखते बह गया।
ग्रामीणों के अनुसार यह पहली घटना नहीं है। गांव के युवा मोहन लाल ने बताया कि पिछले वर्ष भी यहां दो खच्चर नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह चुके हैं। इसके बावजूद मोटर पुल निर्माण की दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। ग्रामीणों के अनुसार ब्रीडकुल की ओर से बनाई गई यह सड़क अभी दूसरे विभाग को हस्तांतरित किए जाने की प्रक्रिया में फंसी हुई है।
विभागीय प्रक्रिया पूरी न होने के कारण सड़क और पुल निर्माण का मामला लंबे समय से अधर में लटका हुआ है।
ग्राम प्रधान तारी देवी ने शासन-प्रशासन से दुर्बिल गांव की सड़क पर शीघ्र मोटर पुल निर्माण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुल के अभाव में ग्रामीणों और मवेशियों की जान लगातार खतरे में बनी हुई है। यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र नौटियाल

