कंडियाल गांव में देव डोलियों के साथ थाती पूजन , उमड़ा आस्था का सैलाब
उत्तरकाशी, 07 मार्च (हि.स.)। विकास खंड पुरोला के ग्राम सभा कंडियाल में आयोजित सात दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान थाती पूजन महोत्सव इन दिनों पूरे क्षेत्र में आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति की गूंज बिखेर रहा है। थात पूजन के तृतीय दिवस पर गांव में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दराज से आए रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों की उपस्थिति से पूरा गांव भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया।
पूरे विधि-विधान के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान कुलपुरोहित विपीन उनियाल के सान्निध्य में संपन्न हो रहा है। उनके साथ पं रोशन गैरोला, विरेंद्र नौटियाल और चन्द्रमोहन बिजल्वाण वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ दैनिक पूजा-अर्चना कराते हुए सनातन परंपराओं को जीवंत बनाए हुए हैं।
इस पवित्र आयोजन में बरनी में यजमान मेघनाथ सिंह जयाड़ा, तार चौहान, प्यार सिंह मेहर, सुमन लाल, जयबीर दास, माली कालिया नाग यशवंत सिंह रावत, अलकेश गैरोला, कपिल मुनि माली नितीन बिजल्वाण, आणेश्वर मालीसुलेख पंवार, कालिया नाग ठाणी,जगबीर सिंह, कालिया नाग पुजारी स्वयं गैरोला, कपिल मुनि भगवती प्रसाद नौटियाल और धर्मेंद्र सेमवाल ओणेश्वर सहित अनेक यजमान श्रद्धा भाव से भाग लेकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
रात्रि में आयोजित पांडव नृत्य और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन की विशेष शोभा बढ़ा रहे हैं। ढोल-दमाऊं की गूंज और दास-बंन्धू के ढोल थाप के बीच तीनों देव पालकियों की विधिवत पूजा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पांडव नृत्य के दौरान पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनि और कलाकारों की भावपूर्ण प्रस्तुति वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दे रही है।
कार्यक्रम में दास, माली, ठाणी और पुजारियों द्वारा अलग-अलग पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन किया जा रहा है, जो क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति और सनातन परंपराओं की अनूठी झलक प्रस्तुत कर रहा है।
यहां धार्मिक अनुष्ठान आगामी 11 मार्च तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में गांव के सभी परिवार अपने रिश्तेदारों और परिचितों को आमंत्रित कर रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में उत्सव और उल्लास का माहौल बना हुआ है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सभी परिवारों सहित समस्त ग्रामवासी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि हिंदू सनातन संस्कृति, लोक परंपराओं और सामूहिक सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल

