बारिश ने लक्सर के किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, खेतों में सड़ने लगी धान की फसल
हरिद्वार, 29 सितंबर (हि.स.)। लगातार तीन दिन हुई मूसलाधार बारिश ने लक्सर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में पानी भरने से कटाई के लिए तैयार खड़ी धान की फसल पानी में डूब गई है। कई खेत तालाब में तब्दील हो गए हैं और पकी हुई धान की बालियां पानी में सड़ने लगी हैं। धान के साथ गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
किसान मोटर और अन्य साधनों से खेतों से पानी निकालने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण उन्हें राहत नहीं मिल पा रही है। किसानों का कहना है कि फसल बर्बाद होने से उनकी पूरे साल की मेहनत और आय प्रभावित हो गई है।
प्रभावित किसानों के मुताबिक खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि खर्चों के लिए उन्होंने बैंक और अन्य स्रोतों से कर्ज लिया था। अब फसल खराब होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई, घर के खर्च और अन्य जरूरतें फसल की आमदनी पर निर्भर थीं।
भारतीय किसान यूनियन क्रांति के जिला अध्यक्ष अनिल चौधरी ने प्रशासन से तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि तीन दिन की बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। सरकार को नुकसान का आकलन कराकर किसानों को प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा देना चाहिए।
किसानों ने फसल नुकसान के साथ बिजली से जुड़े मुद्दे भी उठाए हैं। उन्होंने स्मार्ट मीटर बंद करने, बिजली के बिल माफ करने और किसान ऋण माफी की मांग की। किसानों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा के बीच बिजली विभाग की कार्रवाई से उनकी परेशानी और बढ़ रही है। अब किसानों की नजर प्रशासन और सरकार पर है। किसानों ने जल्द से जल्द फसलों का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन और राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

