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शांतिकुंज में उत्तर मध्य रेलवे का प्रबंधन विकास कार्यशाला का आयोजन

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शांतिकुंज में उत्तर मध्य रेलवे का प्रबंधन विकास कार्यशाला का आयोजन


हरिद्वार, 09 मार्च (हि.स.)। शांतिकुंज में उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मुख्यालय की पांच दिवसीय प्रबंधन विकास कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में प्रयागराज मंडल, झांसी मंडल, आगरा मंडल एवं मुरादाबाद मंडल से आए रेलवे के कर्मचारी-अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यशाला का उद्देश्य रेल सेवाओं से जुड़े अधिकारियों के मानसिक तनाव को कम करना तथा आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से उनकी कार्यक्षमता का विकास करना है।

शुभारंभ अवसर पर शांतिकुंज प्रतिनिधि केदार प्रसाद दुबे ने कहा कि उपासना, साधना और आराधना का त्रिसूत्रीय सिद्धांत आधुनिक प्रबंधन का मूल आधार है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सफलता केवल विभागीय कार्यों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंतरिक संतुलन और आत्मनियंत्रण से भी जुड़ी होती है। उन्होंने अधिकारियों को गायत्री महामंत्र के जप और तप के वैज्ञानिक महत्व से अवगत कराया व गायत्री तीर्थ शांतिकुंज की दिव्य ऊर्जा से जुडऩे के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला के आयोजकों ने बताया कि पांच दिन तक चलने वाली इस कार्यशाला में सैद्धांतिक सत्रों के साथ-साथ योग, ध्यान और स्वाध्याय के माध्यम से रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को मानसिक स्वास्थ्य तथा नैतिक नेतृत्व के गुण सिखाए जाएंगे। उत्तर मध्य रेलवे के एडीजीएम सुनील कुमार गुप्ता ने कार्ययशाला को कार्य-जीवन संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। शांतिकुंज प्रबंधन के अनुसार यह 140वां आयोजन है, जो इस बात का प्रमाण है कि कॉरपोरेट और सरकारी क्षेत्रों के लिए अध्यात्म आधारित प्रबंधन आज समय की प्रमुख आवश्यकता बन चुका है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला