डॉक्टरों के तबादले पर आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
हल्द्वानी , 02 जुलाई (हि.स.)। हल्द्वानी के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र को बड़ा झटका लगा है। कुमाऊं के सबसे बड़े महिला चिकित्सालय से आठ डॉक्टरों का तबादला कर दिया गया है, जबकि बेस चिकित्सालय से भी नाै डॉक्टरों का स्थानांतरण हुआ है। इन तबादलों के बाद स्थानीय लोगों और आशा कार्यकर्ताओं में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है।
आशा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले से ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पतालों से अनुभवी चिकित्सकों को हटाने का फैसला मरीजों के हित में नहीं है। उनका कहना है कि इससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं और कमजोर होंगी तथा दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियाें ने सरकार पर आरोप लगाया कि इस तरह के फैसलों से निजी अस्पतालों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा पहुंचेगा। उनका दावा है कि यदि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं रहेंगे तो आम जनता मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करेगी, जहां इलाज का खर्च काफी अधिक होता है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से तबादला आदेशों पर पुनर्विचार करने और जनहित को देखते हुए डॉक्टरों को यथावत रखने की मांग की। उनका कहना है कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। हालांकि, सरकार की ओर से इन तबादलों के पीछे प्रशासनिक कारण बताए जा सकते हैं, लेकिन फिलहाल इस मुद्दे पर लोगों का विरोध लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

