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विदेशी मंच से हिंदुत्व की आवाज दबाने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण: महेंद्र भट्ट

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विदेशी मंच से हिंदुत्व की आवाज दबाने की कोशिश दुर्भाग्यपूर्ण: महेंद्र भट्ट


देहरादून, 27 मई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट ने अमेरिका में यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) ने एक मामले की सुनवाई के दाैरान उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और असम के मुख्यमंत्रियाें को निशाना बनाए जाने की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे हिंदुत्व और सनातन की मजबूत आवाजों पर विदेशी मंच से हमला करार दिया।

महेंद्र भट्ट ने बुधवार को यहां जारी एक बयान में कहा कि देश में अपनी संस्कृति, धर्म और सभ्यता की बात होने पर कुछ लोगों को इसकी तकलीफ सात समंदर पार तक होने लगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएससीआईआरएफ की सुनवाई में वामपंथी-लिबरल एक्टिविस्ट रकीब अहमद नाइक ने हिंदुत्व विचारधारा, राष्ट्रवादी संगठनों और लोकतांत्रिक सरकारों के खिलाफ बयानबाजी की गई और तीनों मुख्यमंत्रियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग तक उठाई गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद जैसे संगठनों को भी निशाना बनाया गया, जिससे यह सवाल उठता है कि धर्म और संस्कृति की रक्षा की आवाज कुछ लोगों को इतनी क्यों चुभ रही है।

भाजपा नेता भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता, अवैध कब्जों और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर सख्त रुख अपनाया है। वहीं योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में माफिया और कट्टरपंथ के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि हिमंता बिस्वा सरमा असम में घुसपैठ और जनसंख्या असंतुलन जैसे मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने ही देश में अपनी जमीन, संस्कृति, मंदिरों और पहचान की रक्षा की बात करना कोई गुनाह नहीं है। अब हिंदू समाज खुलकर अपनी पहचान और अधिकारों की बात कर रहा है, जिससे कुछ लोगों को परेशानी हो रही है।

अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जो लोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास नहीं जीत पाते, वही विदेशी मंचों पर जाकर देश की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि निशाना केवल तीन मुख्यमंत्रियों पर नहीं, बल्कि उस सोच पर है जो भारत को उसकी संस्कृति और सनातन परंपरा से जोड़कर देखती है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय