पीएमकेएसवाई के तहत उत्तराखंड को 31.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता
देहरादून, 29 जून (हि.स.)। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के जलग्रहण विकास घटक-2.0 (डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0) के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए उत्तराखंड को विशेष सहयोग प्रदान किया है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भेजे पत्र में योजना की प्रगति और अतिरिक्त वित्तीय सहायता की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया है।
केंद्रीय मंत्री के अनुसार वर्ष 2021-22 से 2025-26 की परियोजना अवधि के तहत उत्तराखंड में 15 जलग्रहण विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से 0.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्र का उपचार किया जाएगा। परियोजनाओं की कुल लागत 232.26 करोड़ रुपये है,जिसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 209.03 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। अब तक राज्य को 106.05 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।
पत्र में बताया गया है कि योजना की मूल अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी थी, लेकिन लंबित कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए भारत सरकार ने परियोजना अवधि को सितंबर 2026 तक अस्थायी रूप से बढ़ा दिया है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए उत्तराखंड को 31.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। इसमें से 15.79 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है,जिससे परियोजनाओं का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि प्रस्तावित डब्ल्यूडीसी-पीएमकेएसवाई 3.0 के तहत राज्यों को नई परियोजनाओं का आवंटन उनके प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। इसमें परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन,केंद्रीय सहायता का प्रभावी उपयोग और निर्धारित समय में कार्य पूर्ण करने जैसे मानकों को प्रमुखता दी जाएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों और क्षेत्रीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है,ताकि स्वीकृत परियोजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित हो और उपलब्ध कराई गई केंद्रीय सहायता का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग किया जा सके। साथ ही उन्होंने भूमि संसाधन विभाग की ओर से उत्तराखंड सरकार को हरसंभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

