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पीएमजीएसवाई ने पहाड़ की जिंदगी को दी नई रफ्तार, 21,915 किमी सड़कों का बिछा नेटवर्क

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पीएमजीएसवाई ने पहाड़ की जिंदगी को दी नई रफ्तार, 21,915 किमी सड़कों का बिछा नेटवर्क


-तीन चरणों में 2,826 सड़कों का निर्माण पूरा, 1,860 गांवों को मिला लाभ

-चौथे चरण के पहले चक्र में 309 गांव जुड़ेंगे

देहरादून, 25 सितम्बर (हि.स.)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) ने उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी गांवों की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों में सड़क पहुंचने से आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिली है। योजना अब अपने चौथे चरण में प्रवेश कर चुकी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार दूरदराज के सभी गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएमजीएसवाई सड़कों से दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ पर्यटन, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिली है। विद्यार्थियों के लिए आवागमन सुगम हुआ है, मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल रही है और किसानों के लिए उपज को मंडियों तक पहुंचाना आसान हुआ है।

राज्य में पीएमजीएसवाई के तीन चरणों के तहत अब तक 11,595 करोड़ रुपये की लागत से 2,826 सड़कों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इन सड़कों की कुल लंबाई 21,915 किलोमीटर है और इससे 1,860 गांव लाभान्वित हुए हैं। राज्य सरकार के अनुसार दूरस्थ और दुर्गम गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र के समक्ष राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और सड़क कनेक्टिविटी की जरूरत को लगातार उठाया है। इसके बाद पीएमजीएसवाई के तहत प्रदेश में सड़क परियोजनाओं का विस्तार हुआ है।

पीएमजीएसवाई के चौथे चरण के प्रथम चक्र में प्रदेश के 309 गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस चरण में 1,707 करोड़ रुपये की लागत से 1,228.20 किलोमीटर लंबी 184 सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। चौथे चरण के तहत राज्य के सभी 13 जिलों में कुल 1,479 सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव है, जिनकी कुल लंबाई 9,344 किलोमीटर होगी।

प्रथम चक्र में पौड़ी गढ़वाल के सर्वाधिक 68 गांव सड़क सुविधा से जुड़ेंगे। अल्मोड़ा और टिहरी के 47-47, बागेश्वर के 35, पिथौरागढ़ के 25, नैनीताल और उत्तरकाशी के 24-24, चमोली के 17, देहरादून और रुद्रप्रयाग के 10-10 और हरिद्वार के दो गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।

पीएमजीएसवाई-चतुर्थ चरण के प्रस्तावित आंकड़ों के अनुसार पिथौरागढ़ में 249 गांवों को जोड़ने के लिए 1,819.60 किलोमीटर, अल्मोड़ा में 221 गांवों के लिए 1,395.50 किलोमीटर और पौड़ी में 185 गांवों के लिए 1,227.80 किलोमीटर सड़क का प्रावधान है। चमोली में 175 गांवों के लिए 996.15 किलोमीटर और टिहरी में 168 गांवों के लिए 941.50 किलोमीटर सड़क प्रस्तावित है।

इसी तरह उत्तरकाशी में 112 गांवों के लिए 721.99 किलोमीटर, रुद्रप्रयाग में 111 गांवों के लिए 469.20 किलोमीटर, बागेश्वर में 101 गांवों के लिए 569.82 किलोमीटर, नैनीताल में 67 गांवों के लिए 399.55 किलोमीटर और देहरादून में 52 गांवों के लिए 390 किलोमीटर सड़क का प्रस्ताव है। चंपावत में 39 गांवों के लिए 387.30 किलोमीटर, ऊधमसिंह नगर में नौ गांवों के लिए 22.30 किलोमीटर और हरिद्वार में एक गांव के लिए 3.10 किलोमीटर सड़क प्रस्तावित है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय