हरिद्वार में बनेगा बासमती राइस उत्पादन क्लस्टर, किसानों को मिलेगा लाभ
हरिद्वार, 23 अप्रैल (हि.स.)। हरिद्वार जिले में बासमती धान उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर आधारित खेती की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के निर्देशन में इस योजना को मिशन मोड में लागू करने की रणनीति तैयार की गई है।
प्रशासन द्वारा बासमती धान को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके तहत पहले चरण में 100 एकड़ क्षेत्र में 100 किसानों का चयन किया गया है। बहादराबाद और भगवानपुर विकासखंडों में 50-50 एकड़ के दो क्लस्टर बनाए गए हैं। इन क्लस्टरों में ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की महिला लाभार्थियों, कृषि विभाग के किसानों तथा गुजर समुदाय के लोगों को शामिल किया गया है।
इस योजना के तहत बासमती चावल को फॉर्म टू टेबल सिद्धांत पर विकसित किया जाएगा, जिसमें उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन तैयार की जाएगी।
विकास भवन सभागार में गुरुवार को आयोजित एक स्टेकहोल्डर समन्वय बैठक में प्रगतिशील किसानों, कृषि विभाग के अधिकारियों, रीप परियोजना के स्टाफ और देहरादून से आए बासमती विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक में वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने किसानों को बासमती धान की उन्नत खेती, नर्सरी प्रबंधन, रोग एवं कीट नियंत्रण सहित आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी।
योजना के तहत पारंपरिक बासमती किस्मों के संरक्षण के साथ-साथ ब्रांडिंग और पैकेजिंग कर निर्यात बढ़ाने की भी तैयारी है। इससे जुड़े सभी हितधारकों को लाभ मिलेगा और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
जिला परियोजना प्रबंधक संजय कुमार सक्सेना ने बताया यह पहल हरिद्वार में बासमती चावल को एक स्पेशलिटी राइस वैल्यू चेन के रूप में विकसित करने की दिशा में गेम चेंजर साबित हो सकती है।
बैठक में जिला विकास अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, परियोजना टीम, तकनीकी स्टाफ और विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने सक्रिय भागीदारी की।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

