उत्तराखंड की 670 में से 405 पैक्स समितियां ई-पैक्स में बदलीं: डाॅ धन सिंह
देहरादून, 21 जनवरी (हि.स.)। सहकारिता व्यवस्था के डिजिटलीकरण के तहत उत्तराखंड में अब तक 405 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) को ई-पैक्स में परिवर्तित किया जा चुका है, जबकि शेष समितियों के डिजिटलीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। यह जानकारी राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी।
बुधवार को एक बयान जारी कर सहकारिता मंत्री डाॅ धन सिंह ने कहा कि ई-पैक्स के माध्यम से गांवों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जाएगा और पैक्स समितियां मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में कार्य करेंगी। प्रदेश में कुल 670 पैक्स समितियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे सभी समितियां ई-पैक्स में परिवर्तित होंगी। उन्होंने कहा कि पैक्सों के डिजिटलीकरण से लेन-देन पूरी तरह ऑनलाइन होगा, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही और पेपरलेस कार्यप्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही किसानों, काश्तकारों, कारीगरों, युवाओं और महिलाओं को डिजिटल सेवाओं का सीधा लाभ मिलेगा और अनियमितताओं पर भी अंकुश लगेगा।
मंत्री ने बताया कि अब तक अल्मोड़ा में 39, बागेश्वर 12, चमोली 47, चम्पावत 21, देहरादून 24, हरिद्वार 27, नैनीताल 20, पौड़ी 49, पिथौरागढ़ 58, रुद्रप्रयाग 24, टिहरी 42, ऊधमसिंह नगर 17 और उत्तरकाशी में 25 पैक्स समितियों को ई-पैक्स में बदला जा चुका है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को शेष पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि ई-पैक्स को मल्टीपर्पज सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य डिजिटल सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। इसके अलावा पैक्स समितियों का ई-ऑडिट भी किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 461 और वर्ष 2024-25 में 420 समितियों का ई-ऑडिट किया जा चुका है, जिनमें कई जनपदों में शत-प्रतिशत ई-ऑडिट पूरा किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

