उत्तराखंड में' ऑपरेशन प्रहार' : एक माह में तीन बांग्लादेशी सहित 1400 से अधिक अपराधी गिरफ्तार
देहरादून, 14 मई (हि.स.)। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने राज्यव्यापी विशेष अभियान 'ऑपरेशन प्रहार' की समीक्षा करते हुए कहा कि अपराधियों, असामाजिक तत्वों और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी और अधिक प्रभावी तरीके से जारी रहेगा। पिछले एक माह में चलाए गए अभियान के दौरान राज्य में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों के साथ ही 1400 से अधिक वांछित, फरार, इनामी और पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में डीजीपी ने गढ़वाल और कुमाऊं परिक्षेत्र के अधिकारियों सहित सभी जिलों, एसटीएफ और जीआरपी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम के विगत एक माह से संचालित राज्यव्यापी विशेष अभियान 'ऑपरेशन प्रहार' की समीक्षा बैठक की। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पिछले एक माह में चलाए गए अभियान के दौरान 1400 से अधिक वांछित, फरार,इनामी और पेशेवर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 अभियुक्तों को पकड़ा गया,जबकि 130 से अधिक लोगों के खिलाफ गुंडा एक्ट में कार्रवाई की गई। अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान में 66 अवैध शस्त्र बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि हथियारों की सप्लाई चेन की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने ऊधमसिंहनगर में हरेंद्र सिंह उर्फ हनी और निखिल वर्मा को भारी मात्रा में अवैध हथियारों और कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार इनके तार आतंकी संगठन 'अल बदर' से जुड़े मामले से पाए गए हैं। वहीं एसटीएफ ने देहरादून से विक्रांत कश्यप को अवैध पिस्टल और कारतूसों सहित गिरफ्तार किया,जो कथित रूप से पाकिस्तानी आतंकी संगठन 'अल बरक ब्रिगेड' के संपर्क में था। राज्य में फर्जी दस्तावेजों के सहारे रह रहे तीन बांग्लादेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया है।
अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों पर शांति व्यवस्था भंग करने वाले 4000 से अधिक लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई। यातायात नियमों के उल्लंघन पर चलाए गए विशेष अभियान में 15 हजार से अधिक वाहनों के चालान किए गए, 900 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और 2000 से अधिक वाहन सीज किए गए। कार्रवाई मुख्य रूप से रैश ड्राइविंग, ड्रंकन ड्राइविंग, फर्जी नंबर प्लेट और हूटर के दुरुपयोग के मामलों में की गई।
पुलिस ने 18 हजार से अधिक होटल, बार, पब, स्पा, क्लब और ढाबों की जांच भी की। नियमों के उल्लंघन पर 1200 से अधिक लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। इसके अलावा किराये के मकानों, पीजी, होम-स्टे, धर्मशालाओं और आश्रमों में चलाए गए सत्यापन अभियान में 40 हजार से अधिक लोगों का सत्यापन किया गया।
चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों को साइबर ठगी से बचाने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया लिंक ब्लॉक किए और 50 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर बंद कराए। ये लिंक यात्रा पंजीकरण, हेली टिकट और होटल बुकिंग के नाम पर ठगी के प्रयासों में इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस ने संगठित साइबर धोखाधड़ी से जुड़े 147 लिंक ऑपरेटरों और 27 फर्जी मोबाइल धारकों के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए हैं।
बैठक में अपर पुलिस महानिदेशक,अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन, ए.पी.अंशुमान,पुलिस महानिरीक्षक पी एंड एम/कार्मिकविम्मी सचदेवा,पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र रिधिम अग्रवाल,पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक, दूरसंचार कृष्ण कुमार वी.केसाइबर नीलेश आनंद भरणे और गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप,पुलिस महानिरीक्षक, अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा, धीरेन्द्र गुंज्याल, पुलिस उप महानिरीक्षक अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

