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उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, 321 सीटें बढ़ीं

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उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, 321 सीटें बढ़ीं


-तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज खुले, सरकारी और निजी संस्थानों में कुल 11,495 सीटें

देहरादून, 17 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड में जुलाई 2021 के बाद तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में 321 अतिरिक्त सीटें बढ़ी हैं। प्रदेश में राजकीय और निजी नर्सिंग संस्थानों को मिलाकर कुल सीटों की संख्या 11,495 हो गई है। राज्य सरकार का कहना है कि नर्सिंग शिक्षा के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जा रहा है। जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके साथ राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल सीटें 879 हो गई हैं। वहीं, निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल 10,616 सीटें उपलब्ध हैं।

नर्सिंग विद्यार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि उन्हें विदेशों में रोजगार के अवसर मिल सकें। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला, जबकि वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला।

प्रदेश में जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन संस्थानों में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए 5,138 सीटों को मंजूरी दी गई। वर्तमान में निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल सीटों की संख्या 10,616 बताई गई है। उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी यहां के निजी नर्सिंग संस्थानों में प्रवेश ले रहे हैं।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर ध्यान दिया गया है। दिसंबर 2021 में 40 ट्यूटर नियुक्त किए गए। इसके बाद जून 2025 तक 26 और ट्यूटरों की नियुक्ति हुई, जिससे नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की संख्या 66 हो गई। अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। इसके अतिरिक्त ट्यूटर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर और उप प्रधानाचार्य के पद सृजित किए गए। नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति भी की गई।

चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। सितंबर 2026 में 30 ट्यूटर पदों के लिए अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया।

हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में हर वर्ष लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। यह आंकड़ा प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं की रुचि को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार, राजकीय संस्थानों में शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय