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स्वामी कपिलानंद सरस्वती बने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर

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स्वामी कपिलानंद सरस्वती बने निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर


हरिद्वार, 23 अप्रैल (हि.स.)। हरिद्वार के कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में गुरुवार को स्वामी कपिलानंद सरस्वती का श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी के महामंडलेश्वर पद पर विधिवत अभिषेक किया गया। यह पट्टाभिषेक समारोह जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संयोजन अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी तथा निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी ने किया।

समारोह में निरंजनी अखाड़े के पंचपरमेश्वरों सहित सभी तेरह अखाड़ों के संतों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच तिलक और चादर प्रदान कर स्वामी कपिलानंद सरस्वती का अभिषेक किया।

इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि स्वामी कपिलानंद सरस्वती अखाड़े की परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए धर्म और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने विश्वास जताया कि वे समाज में धर्म और अध्यात्म के प्रचार-प्रसार को सुदृढ़ करेंगे।

अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि नवनियुक्त महामंडलेश्वर समाज सेवा और मानव कल्याण के कार्यों के माध्यम से अखाड़े की गरिमा को और ऊंचाई देंगे। वहीं, श्रीमहंत रामरतन गिरी और महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद ने उन्हें विद्वान संत बताते हुए संत परंपराओं के अनुरूप दायित्वों के निर्वहन की अपेक्षा जताई। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी और स्वामी आदि योगी पुरी ने भी शुभकामनाएं दीं।

नवनियुक्त महामंडलेश्वर स्वामी कपिलानंद सरस्वती ने सभी संतों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अखाड़े की परंपराओं के अनुरूप निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के प्रचार-प्रसार में योगदान देंगे।

समारोह में स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, स्वामी रविदेव शास्त्री, स्वामी दिनेश दास सहित विभिन्न अखाड़ों के संत, संघ के क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख पदम सिंह, एसएमजेएन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील बत्रा, भाजपा नेता मनोज गौतम, पंडित अधीर कौशिक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला