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ब्रिटिश संसद में वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन का शुभारंभ, निरंजन स्वामी बने अंतरराष्ट्रीय महासचिव

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ब्रिटिश संसद में वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन का शुभारंभ, निरंजन स्वामी बने अंतरराष्ट्रीय महासचिव


हरिद्वार, 15 अक्टूबर (हि.स.)। विश्व शांति, मानवता, आध्यात्मिक चेतना एवं सनातन संस्कृति के संदेश को वैश्विक स्तर पर प्रसारित करने के उद्देश्य से ब्रिटेन की संसद में वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूपीओ) का शुभारंभ एवं पुनर्गठन किया गया। इस अवसर पर हरिद्वार स्थित पुरुषार्थ आश्रम के अध्यक्ष महामनीषी निरंजन स्वामी महाराज को संगठन का अंतरराष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया। वहीं, संजय गिरी को ग्लोबल प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई।

समारोह की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय सिद्धाश्रम शक्ति केंद्र के अध्यक्ष स्वामी राजराजेश्वर महाराज ने की। कार्यक्रम में ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन सहित विभिन्न देशों के 150 से अधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों, आध्यात्मिक गुरुओं और सामाजिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए करेंगे कार्य

महामनीषी निरंजन स्वामी महाराज को अंतरराष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किए जाने को भारतीय संत परंपरा और सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से सौंपी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा से करेंगे। साथ ही विश्व शांति, अंतरधार्मिक सद्भाव, मानवीय सेवा, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे। वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन का उद्देश्य विभिन्न देशों, धर्मों और संस्कृतियों के लोगों को एक मंच पर लाकर आपसी विश्वास, सहयोग और भाईचारे को मजबूत करना है। संगठन के प्रमुख सिद्धांतों में सद्भावना, एकता, सत्य, करुणा और सतत विकास को शामिल किया गया है।

वैदिक मंत्रोच्चार से कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वैदिक गायत्री मंत्र के उच्चारण और विश्व शांति की मंगलकामना के साथ हुई। समारोह में भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां भी दी गईं। समापन अवसर पर सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। आयोजन के माध्यम से प्रेम, सद्भावना, मानव एकता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश दिया गया।

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और सेवा अभियानों की तैयारी

संगठन की ओर से आगामी समय में अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन, आध्यात्मिक संवाद, मानव सेवा अभियान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। निरंजन स्वामी महाराज की नियुक्ति के माध्यम से संगठन के वैश्विक प्रयासों में भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और संत समाज की भागीदारी को विस्तार देने की उम्मीद जताई गई। इस पहल का मुख्य संदेश युद्ध के स्थान पर शांति, विभाजन के स्थान पर एकता और घृणा के स्थान पर प्रेम एवं करुणा को बढ़ावा देना है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला