नशा मुक्ति : स्कूल-कॉलेजों में मेडिकल टेस्ट व मेडिकल स्टोरों पर सीसीटीवी अनिवार्य करने के निर्देश
हरिद्वार, 29 सितंबर (हि.स.)। जिले में बढ़ते नशे के खिलाफ प्रशासन ने प्रवर्तन के साथ जन-जागरूकता और नशामुक्ति व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है।
मंगलवार को जिला कार्यालय सभागार में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म (एनकॉर्ड) की बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता ने अधिकारियों को नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई और स्कूल-कॉलेजों व ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक में शिक्षण संस्थानों में बच्चों और युवाओं के मेडिकल टेस्ट की प्रगति की समीक्षा की गई। एडीएम ने शिक्षा, स्वास्थ्य और एनटीएफ हरिद्वार को समन्वय से दो दिन के भीतर रिपोर्ट सीईओ ऑपरेशन को भेजने के निर्देश दिए। साथ ही कितने सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों को नशामुक्त परिसर घोषित किया गया है और कितने चिन्हित किए गए हैं, इसकी रिपोर्ट भी तलब की।
मेडिकल स्टोरों पर निगरानी को लेकर भी निर्देश दिए गए।
जिले में संचालित मेडिकल स्टोरों की संख्या और उनमें लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जानकारी ली गई। स्वास्थ्य विभाग, ड्रग्स इंस्पेक्टर और एनटीएफ को नियमित रिपोर्ट देने को कहा गया।
नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एनडीपीएस एक्ट के तहत वित्तीय जांच और अवैध कमाई से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने के निर्देश पुलिस को दिए गए। नशामुक्त भारत अभियान के तहत स्कूल-कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने और लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाने को कहा गया।
बैठक में 1 जुलाई 2026 के बाद स्थापित नशामुक्ति उपचार केंद्रों, उनकी कार्यप्रणाली, जेल में उपलब्ध सुविधाओं और मासिक निरीक्षण की भी समीक्षा हुई। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया।
एडीएम ने कहा कि रोकथाम के लिए कार्रवाई के साथ जागरूकता और उपचार सुविधाएं मजबूत करना जरूरी है। बैठक में असिस्टेंट डायरेक्टर आईबी सीपी नौटियाल, एसीएमओ डॉ. अनिल वर्मा, डिप्टी एसपी संजय चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

