home page

राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0 राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान

 | 
राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0 राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान


नैनीताल, 11 अगस्त (हि.स.)। सर्वोच्च न्यायालय की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से वर्ष 2026 में ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 3.0’ नामक राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में जिले में भी 90 दिवसीय अभियान के तहत समझौते की संभावना वाले लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र निस्तारित करने पर जोर दिया जा रहा है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल की सचिव सिविल जज पारुल थपलियाल ने बताया कि यह अभियान ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता 1.0’ और 2.0 के बाद तीसरा चरण है। पहला अभियान एक जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक चला था, जिसका उद्देश्य तालुका न्यायालयों से जिला एवं उच्च न्यायालयों तक समझौते योग्य लंबित मामलों की पहचान कर उन्हें मध्यस्थता के लिए भेजना था।

अभियान के तहत वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, पति-पत्नी के विवाद, भरण-पोषण, घरेलू विवाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर दावे, चेक अनादरण, वाणिज्यिक एवं सेवा संबंधी विवाद, वेतन-पेंशन, उपभोक्ता विवाद, बैंक ऋण एवं ऋण वसूली, भूमि, भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा, किरायेदारी एवं बेदखली, संपत्ति एवं बंटवारे के विवाद तथा कानूनन समझौता योग्य आपराधिक मामलों को मध्यस्थता के लिए उपयुक्त माना जाता है। प्रक्रिया में लंबित मामले की पहचान, पक्षकारों को जानकारी, मध्यस्थता के लिए भेजना, बैठक तथा समझौता होने अथवा नहीं होने के बाद न्यायालय में आगे की कार्यवाही शामिल है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पक्षकारों को विधिक जानकारी देने, उपयुक्त मामलों की पहचान में सहयोग, मध्यस्थता केंद्र की जानकारी, जरूरतमंदों को विधिक सहायता और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि समझौते योग्य लंबित मामलों के निस्तारण के लिए मध्यस्थता का लाभ उठाएं और समय एवं खर्च की बचत करें।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी