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नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और समाजोपयोगी बनाना: प्रो. एन.सी. गौतम

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नई शिक्षा नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख और समाजोपयोगी बनाना: प्रो. एन.सी. गौतम


हल्द्वानी, 03 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्रीधारी बनाना नहीं, बल्कि उन्हें कौशलयुक्त, रोजगारोन्मुख और समाजोपयोगी नागरिक के रूप में तैयार करना है। इसके लिए उच्च शिक्षण संस्थानों को शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था अपनाते हुए उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने होंगे।

यह विचार महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय,मध्य प्रदेश के पूर्व कुलपति प्रो.एन.सी. गौतम ने सोमवार को उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (सीआईक्यूए) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा में गुणवत्ता विषयक विशेष व्याख्यान में व्यक्त किए।

प्रो. गौतम ने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल विषय का ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन की सोच विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शैक्षणिक गतिविधि का केंद्र शिक्षार्थी होना चाहिए और उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण पद्धति एवं पाठ्यक्रम तैयार किए जाने चाहिए।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के पांच प्रमुख स्तंभों की चर्चा करते हुए बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, लचीली शिक्षण व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण को नई शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को उद्योग जगत के साथ नियमित संवाद स्थापित कर वर्तमान और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम विकसित करने चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ सके।

उन्होंने प्रमाणपत्र एवं अल्पकालिक पाठ्यक्रमों के विस्तार, क्रेडिट आधारित अध्ययन प्रणाली को मजबूत करने, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री विकसित करने तथा पाठ्यक्रमों की समय-समय पर समीक्षा और उन्नयन की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विश्वविद्यालय की वेबसाइट एवं पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी को अधिक सरल, प्रभावी और शिक्षार्थी-अनुकूल बनाने का सुझाव भी दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने कहा कि उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय गुणवत्ता सुधार और नवाचार की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप कौशल विकास आधारित कार्यक्रमों को और सशक्त बनाने के साथ देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन सीआईक्यूए के अपर निदेशक प्रो. गगन सिंह ने किया, जबकि निदेशक प्रो. गिरिजा प्रसाद पाण्डे ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रो. पी.डी. पंत, प्रो. रेणु प्रकाश, प्रो. दीगर फरस्वाण सहित विभिन्न विद्याशाखाओं के निदेशक, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक तथा विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्य अतिथि प्रो. एन.सी. गौतम ने कुलपति एवं शिक्षकों के साथ विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता